‘जाट-झोट्टा’ टिप्पणी पर गिरी गाज, UHBVNL ने SE गीतूराम तंवर को किया सस्पेंड, VIDEO वायरल के बाद बड़ा एक्शन
सोनीपत में UHBVNL के SE गीतूराम तंवर को ‘जाट-झोट्टा’ टिप्पणी के वायरल वीडियो के बाद सस्पेंड कर दिया गया है।
■ विवादित बयान पर UHBVNL का बड़ा एक्शन
■ SE गीतूराम तंवर तुरंत प्रभाव से सस्पेंड
■ DC कैंप ऑफिस का VIDEO वायरल होने से मचा बवाल
हरियाणा के सोनीपत में बिजली निगम के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) गीतूराम तंवर पर विवादित टिप्पणी भारी पड़ गई है। UHBVNL (उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम) ने उन्हें तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। निगम के एमडी की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब उनका हेडक्वार्टर पंचकूला रहेगा।
पूरा मामला उस समय तूल पकड़ गया जब DC कैंप ऑफिस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में SE कथित तौर पर कहते सुनाई दिए कि ‘जाट और झोट्टा जहां मिले, लट्ठ मार दो’, जिसके बाद प्रदेशभर में विवाद खड़ा हो गया और विभिन्न संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
इस मामले में विभागीय अधिकारियों ने भी SE के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। एक्सईएन और एसडीओ स्तर के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री और विभागीय उच्च अधिकारियों को शिकायत देकर आरोप लगाया कि SE उन पर जबरन गलत बिल बनाने का दबाव डालते हैं, गाली-गलौज करते हैं और एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी देते हैं। शिकायत में यह भी कहा गया कि वे बैठकों में अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते थे और अधिकारियों को ‘मुगल’ और ‘औरंगजेब’ जैसे शब्दों से संबोधित करते थे।
शिकायतकर्ताओं ने कुल 14 गंभीर आरोपों की जांच की मांग की थी। इनमें करोड़ों रुपये के गलत बिल बनाने का दबाव, अधिकारियों को धमकाना, वित्तीय अनियमितताएं और निजी लेन-देन जैसे मुद्दे शामिल हैं। इन आरोपों के समर्थन में ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग भी पेश किए जाने का दावा किया गया।
वीडियो सामने आने के बाद जाट संगठनों में भी भारी रोष देखने को मिला। रोहतक में जाट सेवा संघ ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और SE के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें बर्खास्त करने की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि किसी भी अधिकारी को समाज विशेष के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।
वहीं, सस्पेंड किए गए SE गीतूराम तंवर ने इस पूरे मामले में सफाई दी है। उनका कहना है कि वीडियो को कट-पेस्ट कर गलत तरीके से पेश किया गया है और यह एक सामान्य बातचीत के दौरान मजाक में कही गई बात थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि वीडियो करीब 5-6 महीने पुराना है और उन्हें बिना पूरी जांच के सस्पेंड कर दिया गया।
तंवर ने यह भी कहा कि उन्होंने कभी किसी के साथ जातीय भेदभाव नहीं किया। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि अगर उनके शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे इसके लिए माफी मांगते हैं।
यह पूरा मामला अब न सिर्फ प्रशासनिक बल्कि सामाजिक और राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बन चुका है। आने वाले समय में विभागीय जांच और कानूनी कार्रवाई इस केस की दिशा तय करेगी।
Akhil Mahajan