मनोहर लाल का बड़ा बयान: "राजनीति में जातिवाद नहीं, दोनों पुलिसकर्मियों की आत्महत्या का कारण भ्रष्टाचार"

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने फरीदाबाद में IPS और ASI की आत्महत्या के मामलों पर टिप्पणी करते हुए राजनीति में जातिवाद की निंदा की। उन्होंने कहा कि दोनों घटनाओं का मूल कारण भ्रष्टाचार है और कानून सबके लिए समान है। उन्होंने लोगों से मामलों को जातिगत रंग न देने की अपील की।

मनोहर लाल का बड़ा बयान: "राजनीति में जातिवाद नहीं, दोनों पुलिसकर्मियों की आत्महत्या का कारण भ्रष्टाचार"

➤ राजनीति में जातिवाद बिल्कुल गलत 

➤ दोनों सुसाइड का मूल कारण भ्रष्टाचार

➤ कानून सबके लिए समान, न्याय मिलेगा


केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने आज दिल्ली से फरीदाबाद तक का सफर मेट्रो से करके अपनी सादगी का परिचय दिया। फरीदाबाद पहुँचने के बाद, उन्होंने एक कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत करते हुए हरियाणा में हाल ही में हुए दो पुलिसकर्मियों की आत्महत्या के संवेदनशील मामलों पर अपनी बेबाक राय रखी। इन मामलों में एक वरिष्ठ IPS अधिकारी (वाई. पूरन कुमार) और एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI संदीप कुमार) की दुखद मौत शामिल है।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजनीति में जातिवाद को सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि इन घटनाओं को कुछ राजनीतिक तत्वों द्वारा राजनीतिक और जातिवाद का रंग देने की कोशिश की गई, जो पूरी तरह से अनुचित है।

दोनों आत्महत्याओं के पीछे के कारण पर बोलते हुए, उन्होंने इसे एक "सामाजिक बुराई" से जोड़ा। उनका मानना है कि इन दोनों घटनाओं का केंद्र बिंदु भ्रष्टाचार है। IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार ने जहां अपनी आत्महत्या के नोट में उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए थे, वहीं ASI संदीप कुमार ने आत्महत्या करने से पहले एक वीडियो संदेश में दिवंगत IPS अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

मनोहर लाल ने जोर देकर कहा कि न्याय हर हाल में किया जाएगा और देश का कानून सबके लिए समान है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने की बात कही कि जांच निष्पक्ष हो और दोषियों को बख्शा न जाए, चाहे उनका पद कोई भी हो। उन्होंने दोनों मृतक पुलिसकर्मियों के परिवारों और समाज के सभी अग्रणी लोगों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि वे इन गंभीर विषयों को बिरादरी या जाति का विषय न बनाएं और न ही इन्हें किसी तरह का राजनीतिक रंग देने की अनुमति दें। उन्होंने समाज से इन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।