लेडी क्लर्क को दिनदहाड़े गोली मारने वाला कातिल मुठभेड़ के बाद पकड़ा, पड़ोसी ने दी थी सुपारी! चौंका देगी वजह

करनाल में लेडी क्लर्क डिंपल अरोड़ा हत्याकांड में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी विकास उर्फ संजू को गिरफ्तार कर लिया। पार्किंग विवाद में सुपारी देकर हत्या करवाने का दावा किया जा रहा है।

लेडी क्लर्क को दिनदहाड़े गोली मारने वाला कातिल मुठभेड़ के बाद पकड़ा, पड़ोसी ने दी थी सुपारी! चौंका देगी वजह

➤ पुलिस मुठभेड़ में आरोपी के पैर में लगी गोली
➤ पार्किंग विवाद में सुपारी देकर हत्या करवाने का दावा
➤ लेडी क्लर्क डिंपल अरोड़ा की 15 मई को हुई थी हत्या


हरियाणा के करनाल में चर्चित लेडी क्लर्क डिंपल अरोड़ा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रविवार देर शाम पुलिस ने एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पैर में दो गोलियां लगी हैं, जिसके बाद उसे इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद मौके पर खुद एसपी नरेंद्र बिजारणिया समेत कई पुलिस अधिकारी पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

आरोपी विकास उर्फ संजू निकला हिस्ट्रीशीटर

पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी की पहचान कुरुक्षेत्र के लाडवा स्थित सलीमपुर निवासी विकास उर्फ संजू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी का पहले से लंबा आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उस पर पहले भी हत्या के मामले में 20 साल की सजा हो चुकी थी। जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद वह फरार चल रहा था।

इंद्री रोड पर एनकाउंटर के बाद मौके पर मौजूद CIA टीम।

पार्किंग विवाद बना हत्या की वजह!

सूत्रों के अनुसार, डिंपल अरोड़ा का अपने पड़ोसी के साथ पार्किंग को लेकर विवाद चल रहा था। दावा किया जा रहा है कि इसी रंजिश के चलते पड़ोसी ने विकास को सुपारी देकर हत्या करवाई। वहीं एक अन्य एंगल डिंपल की कनाडा में रह रही बेटी दीया से जुड़े विवाद का भी सामने आ रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।

घर के बाहर सिर में मारी गई थी गोली

15 मई की दोपहर सेक्टर-9 करनाल में डिंपल अरोड़ा की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाइक सवार हमलावर ने बेहद नजदीक से उनके सिर में गोली मारी और मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।

आरोपी को ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंची पुलिस की टीमें।

कर्मचारी यूनियन की प्रधान थीं डिंपल अरोड़ा

डिंपल अरोड़ा केवल बिजली निगम में क्लर्क ही नहीं थीं, बल्कि वह कर्मचारी यूनियन की प्रधान भी थीं। उनकी हत्या के बाद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में भारी रोष देखने को मिला था। पुलिस पर लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बना हुआ था।