आयुष्मान योजना में गड़बड़ी, निजी अस्पताल पर सीएम फ्लाइंग की रेड

फतेहाबाद में आयुष्मान भारत योजना में गड़बड़ी की शिकायत पर सीएम फ्लाइंग ने निजी अस्पताल में रेड की, रिकॉर्ड में खामियां और मरीजों से अवैध वसूली के आरोप सामने आए।

आयुष्मान योजना में गड़बड़ी, निजी अस्पताल पर सीएम फ्लाइंग की रेड

आयुष्मान योजना में गड़बड़ी पर फतेहाबाद में सीएम फ्लाइंग की रेड
निजी अस्पताल में रिकॉर्ड में भारी खामियां और नियम उल्लंघन
मरीजों से अवैध वसूली के आरोप, जांच के बाद कार्रवाई शुरू


हरियाणा के फतेहाबाद में केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना में अनियमितताओं की शिकायत के बाद शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की गई। सीएम फ्लाइंग की टीम ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर एक निजी अस्पताल में छापेमारी की, जहां जांच में कई गंभीर खामियां सामने आईं।

सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में टीम ने सद्भावना हॉस्पिटल में पहुंचकर आयुष्मान योजना से जुड़े दस्तावेजों और इलाज प्रक्रिया की गहन जांच की। इस दौरान पाया गया कि अस्पताल में इलाज किए गए मरीजों का कोई समुचित मैन्युअल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था और कई जरूरी दस्तावेज अधूरे मिले।

जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल ने 1 जनवरी 2026 से 17 अप्रैल 2026 तक करीब 1017 मरीजों का आयुष्मान योजना के तहत इलाज दिखाते हुए सरकार से लगभग 1 करोड़ 57 लाख रुपये का क्लेम किया है। रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने के बाद टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।

मरीजों से अवैध वसूली के आरोप

छापेमारी के दौरान कई मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर अवैध वसूली के आरोप लगाए। स्वामी नगर निवासी बबलू ने बताया कि उनके पिता के इलाज के दौरान आयुष्मान योजना लागू होने के बावजूद उनसे 21,480 रुपये और दवाइयों के नाम पर अलग से 1,150 रुपये लिए गए, जबकि कार्ड से 35,650 रुपये का क्लेम भी किया गया।

इसी तरह अमनदीप नामक व्यक्ति ने भी आरोप लगाया कि उनके पिता के इलाज के दौरान अस्पताल ने आयुष्मान योजना के बावजूद 10,650 रुपये वसूले। इन आरोपों के बाद मामला और गंभीर हो गया है।

सीएम फ्लाइंग की सख्त चेतावनी

सीएम फ्लाइंग इंचार्ज सुनैना ने स्पष्ट किया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है और इस योजना में सूचीबद्ध अस्पतालों द्वारा मरीजों से किसी भी प्रकार की नकद राशि लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई अस्पताल नियमों का उल्लंघन करता है या मरीजों से पैसे वसूलता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अस्पताल संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पारदर्शिता के साथ सेवाएं दें और मरीजों के साथ उचित व्यवहार करें।

इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने पूरे मामले पर कड़ी नजर बना ली है और आने वाले समय में और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।