BJP नेता समेत दो गिरफ्तार, वकील के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट का मामला

हरियाणा के फतेहाबाद में वकील के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में भाजपा नेता धनंजय अग्रवाल और सीए ललित जग्गा को 7 महीने बाद गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया।

BJP नेता समेत दो गिरफ्तार, वकील के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट का मामला

फतेहाबाद में सोशल मीडिया पोस्ट मामले में BJP नेता समेत दो गिरफ्तार
वकील के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप
7 महीने बाद कार्रवाई, पूछताछ के बाद थाने से ही मिली जमानत


हरियाणा के फतेहाबाद में सोशल मीडिया पर एक वकील के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने 7 महीने बाद कार्रवाई करते हुए भाजपा नेता धनंजय अग्रवाल और सीए ललित जग्गा को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद थाने से ही जमानत दे दी गई। इस मामले ने जिले में राजनीतिक और कानूनी हलकों में काफी चर्चा बटोरी है।

जानकारी के अनुसार धनंजय अग्रवाल भाजपा में जिला कार्यकारिणी सदस्य होने के साथ-साथ सीएम विंडो के एमिनेंट पर्सन भी हैं, जबकि सीए ललित जग्गा भाजपा समर्थक बताए जा रहे हैं। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार डॉक्टर ताज मोहम्मद का केस लड़ने वाले वकील विनय शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र और भड़काऊ टिप्पणियां की थीं

दरअसल पूरा मामला उस समय सामने आया जब फतेहाबाद के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. ताज मोहम्मद ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री दिखाई गई थी। इस वीडियो को लेकर भाजपा नेताओं ने पुलिस में शिकायत देकर डॉ. ताज मोहम्मद के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था

इस केस में डॉ. ताज मोहम्मद की ओर से वकील विनय शर्मा ने पैरवी की। इसके बाद आरोप है कि सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने वकील के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं।

साइबर पुलिस स्टेशन फतेहाबाद के प्रभारी राहुल देव के अनुसार जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एडवोकेट विनय शर्मा ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि आरोपी का पक्ष लेने के कारण उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर बेहद आपत्तिजनक पोस्ट डाली गईं।

शिकायत के आधार पर अगस्त महीने में साइबर थाना फतेहाबाद में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 46, 351(2), 356, 196 और 197(1)(C) के तहत केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान सबूत मिलने के बाद पुलिस ने धनंजय अग्रवाल और ललित कुमार जग्गा को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि कानूनी प्रक्रिया के तहत पूछताछ के बाद दोनों को थाने से ही जमानत पर रिहा कर दिया गया

शिकायत में एडवोकेट विनय शर्मा ने कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने बताया कि 20 मई 2025 को लायक राम गढ़वाल नाम के व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर लिखा था कि एक कांग्रेसी वकील देशद्रोही का केस लड़ रहा है। जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो उनके खिलाफ लगातार पोस्ट लिखी जाती रहीं।

इसके अलावा 21 मई को धनंजय अग्रवाल की फेसबुक आईडी से भी एक पोस्ट सामने आई, जिसमें मुश्ताक अहमद की फोटो के साथ लिखा गया कि उनका वकील कोई कांगी या वामी विचारधारा का व्यक्ति होगा। पोस्ट में यह भी लिखा गया कि ऐसे लोगों का नेटवर्क बड़ा होता है और वहां से फंडिंग शुरू हो जाती है।

वकील विनय शर्मा के अनुसार इसी पोस्ट में आगे लिखा गया कि कुछ लोग देशभक्ति भूलकर फंडिंग की तरफ ध्यान देंगे और गद्दार के पक्ष में बड़ी-बड़ी बातें करेंगे। इतना ही नहीं, पोस्ट में यह भी कहा गया कि ऐसे कई चेहरे बेनकाब होंगे जो पैसों के लिए कुछ भी कर सकते हैं और ऐसे लोगों के लिए वकील भी सेटिंग के आधार पर खड़े किए जाते हैं

विनय शर्मा ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि जब उन्होंने पोस्ट के नीचे कमेंट पढ़े तो ‘सज्जन गोदारा’ नाम की एक आईडी से लिखा गया था कि यहां भी एक सर्जिकल स्ट्राइक जरूरी है। इन सभी पोस्ट और कमेंट्स के स्क्रीनशॉट उन्होंने पुलिस को शिकायत के साथ सौंपे थे