हरियाणा मंडियों में खरीद सीजन की शुरुआत: सरसों को मिल रहे MSP से ज्यादा दाम, नई व्यवस्था में गेट पास और बायोमैट्रिक जरूरी, 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू
हरियाणा में 28 मार्च से सरसों और 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होगी। इस बार गेट पास और बायोमैट्रिक सिस्टम लागू किया गया है, जबकि सरसों MSP से ऊपर बिक रही है।
■ हरियाणा में 28 मार्च से सरसों और 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू
■ सरसों MSP 6200, बाजार में 6500-6600 तक भाव, निजी खरीद हावी
■ गेट पास और बायोमैट्रिक अनिवार्य, 400 मंडियों में पूरी तैयारी
भिवानी: हरियाणा में रबी सीजन की फसलों की खरीद को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रदेश की करीब 400 मंडियों में 28 मार्च से सरसों की खरीद शुरू हो जाएगी, जबकि गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से शुरू होगी। इस बार खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार ने कई नए नियम लागू किए हैं, जिनमें गेट पास सिस्टम और बायोमैट्रिक सत्यापन प्रमुख हैं।
सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 6200 रुपये प्रति क्विंटल और गेहूं का 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। हालांकि वर्तमान में बाजार में सरसों की कीमतें MSP से ऊपर चल रही हैं और किसानों को 6500 से 6600 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहा है। यही कारण है कि फिलहाल सरकारी खरीद पर निजी खरीद भारी पड़ रही है, जिससे किसानों को सीधे फायदा मिल रहा है।
भिवानी अनाज मंडी के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर देवेंद्र के अनुसार, मंडियों में खरीद को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सरसों को बारिश से बचाने के लिए चार शेड बनाए गए हैं और अतिरिक्त तिरपाल की व्यवस्था भी की गई है। मंडी में अब तक करीब 300 क्विंटल सरसों की आवक हो चुकी है।
नई व्यवस्था के तहत अब किसान बिना गेट पास के मंडी में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। गेट पास के लिए किसानों को पहले ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण करना होगा और ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ फोटो अपलोड करनी होगी। इसके बाद ही गेट पास जारी होगा। मंडी में प्रवेश के समय किसानों का बायोमैट्रिक सत्यापन भी किया जाएगा, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सके।
सरकार ने फसल की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए नमी की सीमा भी तय की है। सरसों में अधिकतम 8 प्रतिशत और गेहूं में 12 प्रतिशत नमी निर्धारित की गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी में लाएं, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके।
किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मंडियों में बेहतर इंतजाम किए गए हैं। अटल कैंटीन के माध्यम से किसानों को मात्र 10 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा मंडियों में साफ पानी की व्यवस्था के लिए वॉटर कूलर लगाए गए हैं।
मंडी के आढ़ती भुरू ने बताया कि अगर आवक ज्यादा होती है तो मुख्य अनाज मंडी के अलावा चारा मंडी में भी खरीद की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सरसों की कीमत MSP से ऊपर चल रही है, जो किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रही है।
कुल मिलाकर, इस बार सरकार ने खरीद प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है, जबकि बाजार में बेहतर भाव मिलने से किसानों के चेहरे पर भी संतोष नजर आ रहा है।
Akhil Mahajan