हरियाणा में सफाई कर्मियों और दमकल कर्मचारियों की हड़ताल फिलहाल खत्म
हरियाणा में सफाई और दमकल कर्मचारियों की हड़ताल फिलहाल खत्म हो गई। रोहतक में हुई बैठक के बाद सरकार को मांगें पूरी करने के लिए समय दिया गया है।
हरियाणा में सफाई कर्मियों और दमकल कर्मचारियों की हड़ताल फिलहाल खत्म
रोहतक में 3 घंटे चली बैठक के बाद कर्मचारियों ने लिया बड़ा फैसला
सरकार को मांगें पूरी करने के लिए 20 मई और 30 जून तक का समय
हरियाणा में कई दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों और दमकल कर्मियों की हड़ताल आखिरकार फिलहाल समाप्त हो गई है। अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच लंबी बातचीत के बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने का फैसला लिया है। इससे प्रदेशभर में जमा हो रहे कूड़े और बिगड़ती सफाई व्यवस्था से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
वीरवार को रोहतक के सुखपुरा चौक स्थित कर्मचारी भवन में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश शास्त्री ने की। इस बैठक में करीब साढ़े 500 कर्मचारी शामिल हुए। लगभग 3 घंटे तक चली चर्चा और मंथन के बाद हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
नरेश शास्त्री ने बताया कि सरकार की ओर से कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया है। इसी भरोसे के आधार पर फिलहाल आंदोलन वापस लिया गया है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि यदि तय समय सीमा तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो 1 जुलाई से कर्मचारी दोबारा हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
➤ सरकार और कर्मचारियों के बीच 6 घंटे चली बैठक
इससे पहले बुधवार को हरियाणा निवास में नगर निकाय मंत्री विपुल गोयल और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की नगर पालिका कर्मचारी संघ तथा फायर ब्रिगेड कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ करीब 6 घंटे तक बैठक हुई थी।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में कर्मचारियों की अधिकांश मांगों पर सहमति बन गई थी। सरकार ने फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए 30 जून तक का समय मांगा, जबकि नगर पालिका कर्मचारियों के मुद्दों पर 20 मई तक फैसला लेने का भरोसा दिया गया।
➤ 1 मई से हड़ताल पर थे कर्मचारी
नगर पालिका कर्मचारी 1 मई से हड़ताल पर थे, जबकि फायर ब्रिगेड कर्मचारी 8 अप्रैल से आंदोलन कर रहे थे। हड़ताल के चलते प्रदेश के शहरों में सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई थी। हर रोज करीब 14 हजार टन कूड़ा सड़कों पर जमा हो रहा था, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
कई शहरों में कूड़े के ढेर लगने से बदबू और संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया था। लोगों ने सोशल मीडिया और प्रशासन के सामने लगातार शिकायतें रखी थीं।
➤ हाईकोर्ट पहुंचा था कचरा संकट का मामला
सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने जनहित याचिका दाखिल कर शहरों में फैले कचरे और बिगड़ती व्यवस्था का मुद्दा उठाया था।
याचिका में कहा गया कि कचरे के ढेर लगने से नागरिकों के स्वच्छ वातावरण में रहने के मूल अधिकार का उल्लंघन हो रहा है। साथ ही कोर्ट से समस्या के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई थी।
pooja