अमेरिका में सड़क हादसे में हरियाणा के युवक की मौत

करनाल के युवक प्रवीण की अमेरिका के इंडियाना में सड़क हादसे में मौत हो गई। वह अमेजन में डिलीवरी का काम करता था और 35 लाख का कर्ज लेकर विदेश गया था।

अमेरिका में सड़क हादसे में हरियाणा के  युवक की मौत
  • अमेरिका में करनाल के युवक की सड़क हादसे में मौत
  • रेड लाइट पर खड़ी गाड़ी को पीछे से तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर
  • 35 लाख का कर्ज लेकर परिवार के लिए विदेश गया था प्रवीण

हरियाणा के करनाल जिले के एक युवक की अमेरिका में दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा अमेरिका के इंडियाना राज्य के प्लेनफील्ड इलाके में हुआ, जहां युवक की गाड़ी को पीछे से तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

मृतक की पहचान 40 वर्षीय प्रवीण निवासी शिव कॉलोनी, करनाल के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार प्रवीण करीब तीन साल पहले बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए अमेरिका गया था। वहां वह अमेजन कंपनी में डिलीवरी का काम करता था। बताया जा रहा है कि अमेरिका जाने के लिए उसने करीब 30 से 35 लाख रुपए का कर्ज लिया था।

प्रवीण अपने परिवार का इकलौता बेटा था और दो बच्चों का पिता भी था। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। उसकी एक बहन भी है।

मृतक के मामा चरणजीत ने बताया कि 12 मई की सुबह प्रवीण डिलीवरी के लिए जा रहा था। वह प्लेनफील्ड में क्वेकर बुलेवार्ड और स्टाउट हेरिटेज पार्कवे के चौराहे पर रेड लाइट होने के कारण अपनी गाड़ी रोककर खड़ा था। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार कार आई और उसकी डिलीवरी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी।

हादसे में टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि प्रवीण की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं इस दुर्घटना में दो अन्य लोग भी घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

मृतक प्रवीण का फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी हाउस में रखवा दिया। हादसे की खबर अमेरिका से फोन कॉल के जरिए परिवार तक पहुंची, जिसके बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

परिजनों के अनुसार प्रवीण लगातार मेहनत कर परिवार का भविष्य बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन एक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। अब परिवार को शव भारत लाने का इंतजार है।