'पिता जिस स्कूल में क्लर्क, उसमें पढ़ बेटी दीपिका बनी स्टेट टॉपर, चार सब्जेक्ट में पूरे 100 मार्क्स
भिवानी की दीपिका ने हरियाणा बोर्ड 10वीं परीक्षा में 499 अंक हासिल कर स्टेट टॉप किया। चार विषयों में 100 नंबर लाकर उन्होंने नया रिकॉर्ड बनाया।
भिवानी की दीपिका ने 499 अंक लेकर हरियाणा बोर्ड 10वीं में किया टॉप
पिता जिस स्कूल में क्लर्क, उसी स्कूल की बेटी बनी स्टेट टॉपर
चार छात्रों ने 498 अंक लेकर हासिल किया दूसरा स्थान
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) के 10वीं कक्षा परीक्षा परिणाम में इस बार भिवानी की बेटी दीपिका ने इतिहास रच दिया। आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा दीपिका ने 500 में से 499 अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। खास बात यह है कि दीपिका के पिता राजकुमार उसी स्कूल में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं, जहां से पढ़कर दीपिका ने स्टेट टॉपर बनने का गौरव हासिल किया।
दीपिका की इस सफलता से परिवार ही नहीं बल्कि पूरे स्कूल और इलाके में खुशी का माहौल है। स्कूल पहुंचने पर शिक्षकों और साथियों ने मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया।
दीपिका ने बताया कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के केवल सेल्फ स्टडी के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उनके पिता राजकुमार ने बताया कि दीपिका स्कूल से आने के बाद घर पर नियमित पढ़ाई करती थी। दीपिका तीन बहनों में सबसे बड़ी हैं।
सबसे खास बात यह रही कि दीपिका ने चार विषयों में पूरे 100 अंक हासिल किए। केवल एक विषय में उन्हें 99 नंबर मिले। पिछले साल हरियाणा बोर्ड 10वीं परीक्षा में टॉपर्स के 497 अंक आए थे, लेकिन दीपिका ने इस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ते हुए दो अंक ज्यादा हासिल किए।
इस बार परीक्षा में चार छात्रों ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया। इनमें चरखी दादरी की रौनक, महेंद्रगढ़ के दीपांशु, और हिसार की खुशी व अंतू शामिल हैं। इन सभी छात्रों ने 500 में से 498 अंक हासिल किए।
महेंद्रगढ़ के दीपांशु ने बिना किसी कोचिंग के यह उपलब्धि हासिल की। उनके पिता धर्मपाल के अनुसार दीपांशु ने टाइम टेबल बनाकर घर पर पढ़ाई की। अब वह 11वीं में नॉन मेडिकल लेकर आगे IIT की तैयारी करना चाहते हैं।
वहीं हांसी के पुट्ठी स्मैण गांव की छात्रा खुशी ने भी बिना ट्यूशन के स्टेट में दूसरा स्थान हासिल किया। खुशी के पिता वीरेंद्र सिंह भारतीय सेना में हवलदार हैं। खुशी को अंग्रेजी, गणित और एमएचवी में पूरे 100 अंक मिले।
हिसार के खेड़ी जालब गांव की छात्रा अंतू ने भी 498 अंक हासिल किए। अंतू अपने पिता के ही स्कूल स्वामी विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ती हैं। उनके पिता स्कूल के प्रिंसिपल हैं। अंतू को गणित, सोशल साइंस, एससीटी और फिजिकल एजुकेशन में पूरे 100 अंक मिले।
वहीं इस बार 11 छात्रों ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। इनमें सोनीपत के काव्यांश भी शामिल हैं। काव्यांश ने सोशल मीडिया और मोबाइल से दूरी बनाकर रोजाना 5 से 6 घंटे पढ़ाई की। उनका सपना IIT इंजीनियर बनने का है।
फतेहाबाद की छात्रा आरजू ने भी तीसरा स्थान हासिल किया। किसान परिवार से आने वाली आरजू भविष्य में IPS अधिकारी बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि वे रोजाना 3 से 4 घंटे नियमित पढ़ाई करती थीं।
वहीं जींद के छात्र वंश ने भी 497 अंक हासिल कर टॉप-3 में जगह बनाई। उनकी मां स्कूल टीचर हैं। दूसरी ओर कैथल के गांव देबन की छात्रा मानसी सुबह 3 बजे उठकर पढ़ाई करती थीं और घर के कामों के साथ पढ़ाई को भी संतुलित रखा।
हरियाणा बोर्ड 10वीं का यह रिजल्ट एक बार फिर साबित करता है कि मेहनत, अनुशासन और सेल्फ स्टडी के दम पर बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
Akhil Mahajan