हरियाणा में बनेगी स्टेट इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स, बिजली ढांचे की सुरक्षा होगी मजबूत

हरियाणा सरकार बिजली वितरण ढांचे की सुरक्षा मजबूत करने के लिए स्टेट इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स बनाने की तैयारी में है। UHBVN ने 4 जिलों से सुरक्षा पदों का प्रस्ताव मांगा है।

हरियाणा में बनेगी स्टेट इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स, बिजली ढांचे की सुरक्षा होगी मजबूत

हरियाणा में बनेगी स्टेट इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स

बिजली सब-स्टेशनों और कार्यालयों की सुरक्षा होगी मजबूत

UHBVN ने 4 जिलों से मांगी सुरक्षा पदों की डिटेल

हरियाणा सरकार बिजली वितरण ढांचे की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में जल्द ही स्टेट इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (SISF) और स्टेट इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी अकादमी स्थापित की जा सकती है।

इस संबंध में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (UHBVN) ने संबंधित अधिकारियों को अंतिम रिमाइंडर जारी करते हुए तत्काल प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।

यूएचबीवीएन की प्रशासनिक शाखा के अंडर सेक्रेटरी दीपेश्वरी रावत द्वारा जारी आदेश में पंचकूला, रोहतक, सोनीपत और झज्जर के अधिकारियों से विभिन्न कार्यालयों और संवेदनशील 33 केवी सब-स्टेशनों की सुरक्षा जरूरतों का पूरा ब्यौरा मांगा गया है।

आदेश में कहा गया है कि सुरक्षा के लिए आवश्यक पदों की संख्या जल्द उपलब्ध कराई जाए, क्योंकि इस विषय पर उच्च अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है।

यूएचबीवीएन ने इस मामले को “Most Urgent” श्रेणी में रखा है और सभी संबंधित अधिकारियों को बिना देरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

प्राप्त प्रस्तावों को ऊर्जा विभाग को भेजा जाएगा, ताकि राज्य स्तर पर स्टेट इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स के गठन को अंतिम रूप दिया जा सके।

योजना के तहत बिजली विभाग के संवेदनशील प्रतिष्ठानों और कार्यालयों की सुरक्षा के लिए सशस्त्र हेड गार्ड, सशस्त्र सुरक्षा गार्ड, हेड गार्ड और सुरक्षा गार्ड की तैनाती का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

इन सुरक्षा कर्मियों को सब डिवीजन कार्यालय, डिवीजन कार्यालय, सर्कल कार्यालय और संवेदनशील 33 केवी सब-स्टेशनों पर तैनात किया जाएगा।

बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार, सार्वजनिक विरोध, तोड़फोड़ और संवेदनशील बिजली प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इस फोर्स के गठन से बिजली ढांचे की सुरक्षा व्यवस्था अधिक पेशेवर और मजबूत होगी।