हिसार में प्रॉपर्टी खरीद महंगी, कलेक्टर रेट में 15% तक बढ़ोतरी प्रस्तावित
हिसार में 2026-27 के लिए नए कलेक्टर रेट का ड्राफ्ट जारी, शहरी क्षेत्रों में 15% और ग्रामीण इलाकों में 75% तक बढ़ोतरी प्रस्तावित, प्रॉपर्टी खरीद महंगी होने के आसार।
■ हिसार में कलेक्टर रेट बढ़ने का प्रस्ताव, प्रॉपर्टी खरीद महंगी होने की तैयारी
■ शहरी सेक्टरों में औसतन 15% और ग्रामीण क्षेत्रों में 75% तक बढ़ोतरी
■ अग्रोहा, अलीपुर और आर्यनगर में सबसे ज्यादा रेट वृद्धि प्रस्तावित
हिसार में प्रॉपर्टी खरीदना अब पहले से महंगा होने की तैयारी में है। जिला प्रशासन ने वर्ष 2026-27 के लिए नए कलेक्टर रेट का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जमीन की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है। इस प्रस्ताव के लागू होते ही रजिस्ट्री खर्च बढ़ जाएगा, जिससे आम लोगों के लिए घर या प्लॉट खरीदना और कठिन हो सकता है।
जिला प्रशासन की ओर से तैयार किए गए ड्राफ्ट के अनुसार शहर के रिहायशी और व्यावसायिक सेक्टरों में औसतन 15 प्रतिशत तक की वृद्धि प्रस्तावित है। खासकर सेक्टर 13 और 14P जैसे पॉश इलाकों में रिहायशी दरें ₹56,925 प्रति वर्ग गज तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में नहरी और गैर-मुमकिन कृषि भूमि के रेट में 25% से 75% तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे गांवों में जमीन खरीदना भी महंगा होगा।
सबसे ज्यादा वृद्धि वाले क्षेत्रों की बात करें तो अग्रोहा, अलीपुर और आर्यनगर में 75 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है। प्रशासन का मानना है कि अग्रोहा को विकास प्राधिकरण में शामिल किए जाने के बाद यहां जमीन की मांग और संभावनाएं बढ़ी हैं, जिसके चलते रेट में बड़ा बदलाव किया गया है। इसके अलावा नंद विहार और गंगवा में 45 प्रतिशत तक और अशोक विहार क्षेत्र में 30 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित है।
हालांकि कुछ क्षेत्रों में राहत भी दी गई है। राजगुरु मार्केट और नागोरी गेट जैसे प्रमुख बाजारों के रेट फिलहाल स्थिर रखे गए हैं, जबकि कालवास, किरमारा, किराड़ा और कुलेरी जैसे गांवों में भी कई श्रेणियों के रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। नए नियमों के तहत प्रीफरेंशियल प्लॉट (दो तरफ खुले) पर सामान्य रेट से 10% अतिरिक्त शुल्क, जबकि पार्क फेसिंग या तीन तरफ खुले प्लॉट पर 20% अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इसके अलावा फ्लोर-वाइज रजिस्ट्री में पहली मंजिल के लिए 10% और ऊपरी मंजिलों के लिए 50% तक अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी लागू होगी।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम खरीदारों पर पड़ेगा, क्योंकि कलेक्टर रेट बढ़ने के साथ रजिस्ट्री खर्च भी बढ़ेगा। इससे रियल एस्टेट बाजार में कीमतों में उछाल आने की संभावना है और निवेशकों के लिए यह एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। प्रशासन ने आम जनता को सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका भी दिया है। इच्छुक लोग 30 मार्च 2026 तक संबंधित तहसील कार्यालय में अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम कलेक्टर रेट लागू किए जाएंगे।
Akhil Mahajan