हरियाणा के लाल का कमाल, डॉ. अरुण को जम्मू DGP प्रशंसा मेडल, जानें

हिसार के डॉ. अरुण चौधरी को जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव और अमरनाथ यात्रा के दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के लिए DGP प्रशंसा मेडल से सम्मानित किया गया।

हरियाणा के लाल का कमाल,  डॉ. अरुण को जम्मू DGP प्रशंसा मेडल,  जानें
  • हिसार के डॉ. अरुण को मिला जम्मू DGP प्रशंसा मेडल
  • विधानसभा चुनाव और अमरनाथ यात्रा में निभाई अहम भूमिका
  • SSB में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात हैं डॉ. अरुण

हरियाणा के हिसार जिले के गांव बुड़ाना के रहने वाले डॉ. अरुण चौधरी ने अपने उत्कृष्ट कार्यों से न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) में तैनात असिस्टेंट कमांडेंट डॉ. अरुण चौधरी को उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक प्रशंसा मेडल (DGP Commendation Medal) से सम्मानित किया गया है।

डॉ. अरुण चौधरी वर्तमान में SSB की 10वीं वाहिनी में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में अपनी कर्तव्यनिष्ठा, चिकित्सकीय दक्षता और ऑपरेशनल तत्परता से उच्च अधिकारियों का विश्वास जीता है। उनकी सेवाओं को देखते हुए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।

हिसार के रहने वाले डॉ. अरूण चौधरी को मिला सेवा के दौरान मिला सम्मान।

विधानसभा चुनाव 2024 और श्री अमरनाथ जी यात्रा 2025 के दौरान डॉ. अरुण ने सुरक्षा बलों के जवानों को बेहतरीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने कई बार अपनी सूझबूझ और अनुभव से गंभीर रूप से बीमार जवानों का सफल उपचार कर उनकी जान बचाई। इसी दौरान उन्हें कई बार कमेंडेशन रोल से भी सम्मानित किया गया।

यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि मात्र तीन वर्ष के सेवाकाल में ही डॉ. अरुण चौधरी को इतना बड़ा सम्मान मिला है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा स्व. चौधरी चंद्र सिंह को दिया है, जो अपने समय में एक प्रख्यात खिलाड़ी और ईमानदार शिक्षा अधिकारी रहे।

डॉ. अरूण चौधरी अपने पिता सुनील सिवाच और माता अनिता देवी के साथ।

डॉ. अरुण ने अपने माता-पिता के योगदान को भी अपनी सफलता की नींव बताया। उनके पिता सुनील सिवाच बुड़ाना गांव के वरिष्ठ समाजसेवी और प्रगतिशील किसान हैं, जबकि माता अनिता देवी गृहिणी हैं।

डॉ. अरुण चौधरी का परिवार भी राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित है। उनकी धर्मपत्नी डॉ. लीला भी सशस्त्र सीमा बल में ही असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर कार्यरत हैं। वहीं उनके भाई वरुण चौधरी कानून के क्षेत्र में सक्रिय हैं और एक वकील के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।