590 करोड़ घोटाले का आरोपी बना ‘बाराती’, कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत

IDFC बैंक के 590 करोड़ घोटाले में आरोपी HPGCL डायरेक्टर अमित दीवान को बेटे की शादी में शामिल होने के लिए कोर्ट ने 10 दिन की अंतरिम जमानत दी है, पासपोर्ट जमा करने और बॉन्ड भरने की शर्त के साथ।

590 करोड़ घोटाले का आरोपी बना ‘बाराती’, कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत

IDFC बैंक घोटाले में HPGCL डायरेक्टर को 10 दिन की बेल
बेटे की शादी में शामिल होने के लिए कोर्ट ने दी राहत
पासपोर्ट जमा और 5 लाख के बॉन्ड की शर्त लागू

हरियाणा के पंचकूला में चर्चित IDFC बैंक घोटाले के मामले में बड़ी अपडेट सामने आई है। हरियाणा पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के डायरेक्टर फाइनेंस अमित दीवान को कोर्ट ने 10 दिन की अंतरिम जमानत दे दी है। यह राहत उन्हें अपने बेटे की शादी में शामिल होने के लिए दी गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी को पहले अपना पासपोर्ट जमा करवाना होगा और 5 लाख रुपये के बेल बॉन्ड भरने होंगे, जिसके बाद ही जमानत का लाभ मिलेगा।

दरअसल, करीब 590 करोड़ रुपये के घोटाले में आरोपी अमित दीवान ने कोर्ट से 19 दिन की अंतरिम जमानत मांगी थी। याचिका में बताया गया कि उनके बेटे अर्नव दीवान की शादी 19 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित है और शादी के कार्यक्रम 14 से 24 अप्रैल तक चलेंगे। परिवार की ओर से यह भी बताया गया कि शादी के ज्यादातर कार्यक्रम मसूरी के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में रखे गए हैं, जिनकी बुकिंग पहले ही हो चुकी है और वे नॉन-रिफंडेबल हैं।

अर्जी में यह भी कहा गया कि परिवार में शादी की जिम्मेदारी निभाने के लिए अमित दीवान ही एकमात्र सक्षम पुरुष सदस्य हैं। उनके पिता 84 वर्ष के हैं और अन्य कोई सदस्य व्यवस्थाएं संभालने की स्थिति में नहीं है। आरोपी ने कोर्ट को भरोसा दिया कि वह जमानत की शर्तों का पालन करेगा और तय समय पूरा होने के बाद खुद सरेंडर कर देगा।

बताया जा रहा है कि अमित दीवान फिलहाल अंबाला सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। उन्हें 18 मार्च को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, दीवान ने चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक में गलत तरीके से खाते खुलवाकर मुख्य आरोपी रिभव ऋषि के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर भारी रिश्वत राशि ली और घोटाले में सक्रिय भूमिका निभाई। ACB को रिमांड के दौरान कई अहम सुराग मिले हैं और अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई तय कर दी है और जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।