टोक्यो में गूंजेगा गीता का संदेश, अंतरराष्ट्रीय मंच पर हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान

हरियाणा सरकार का अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव इस बार जापान के टोक्यो में 19 से 22 जून तक आयोजित होगा। इसमें गीता के संदेश को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए कई कार्यक्रम होंगे।

टोक्यो में गूंजेगा गीता का संदेश, अंतरराष्ट्रीय मंच पर हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान

जापान के टोक्यो में होगा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव, 19 से 22 जून तक आयोजन
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की पहल, विदेश मंत्रालय और जापानी संगठनों का सहयोग
गीता संदेश को वैश्विक मंच पर पहुंचाने की तैयारी, संसद और विश्वविद्यालयों में कार्यक्रम


हरियाणा सरकार का प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव (IGM) इस बार जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित किया जाएगा। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB) की पहल पर यह आयोजन 19 से 22 जून तक होगा, जिसमें भारत की सांस्कृतिक विरासत और श्रीमद् भगवद् गीता के संदेश को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। यह महोत्सव विदेशी धरती पर आयोजित होने वाला इसका सातवां संस्करण होगा, जिससे हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा।इस कार्यक्रम का आयोजन हरियाणा सरकार, विदेश मंत्रालय और जापान के विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों के सहयोग से किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, टोक्यो में होने वाला यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और बौद्धिक गतिविधियों का भी केंद्र बनेगा, जिसमें गीता के जीवन दर्शन को व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।इस बार के आयोजन की खास बात यह होगी कि जापान की संसद और विभिन्न प्रांतों में गीता पाठ का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा टोक्यो विश्वविद्यालय में एक विशेष सेमिनार आयोजित किया जाएगा, जहां विद्वान गीता के दर्शन और उसके आधुनिक जीवन में महत्व पर चर्चा करेंगे। ओसाका प्रांत में भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है।हरियाणा सीएम नायब सैनी। - Dainik Bhaskar

महोत्सव के दौरान गीता संगोष्ठी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, बच्चों की प्रतियोगिताएं, गीता प्रदर्शनी और गीता सद्भावना यात्रा जैसे कई कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही एक ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के छात्रों को जोड़ा जाएगा। योग दिवस के अवसर पर भी विशेष कार्यक्रम रखा जाएगा।इससे पहले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव श्रीलंका, मॉरीशस, लंदन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया जैसे देशों में आयोजित हो चुका है। हर बार इसका उद्देश्य गीता को केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और दर्शन के रूप में प्रस्तुत करना रहा है।

कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल के अनुसार, हाल ही में जापान का दौरा कर अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों से मुलाकात की गई है, ताकि आयोजन को सफल बनाया जा सके। इसके अलावा जापान की प्रमुख कंपनियों सुजुकी और होंडा को भी कार्यक्रम से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को गीता के संदेश को समझने, उसे जीवन में अपनाने और शोध के लिए प्रेरित करना है, साथ ही कुरुक्षेत्र को वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना भी है।