LPG संकट के बीच बड़ा फैसला… इन लोगों की बंद हो सकती है गैस बुकिंग, अगर बचना है तो झटपट करें ये काम

LPG संकट के बीच 9 महीने से गैस सिलेंडर न लेने वाले उपभोक्ताओं की बुकिंग बंद हो सकती है, सेवा बहाल करने के लिए केवाईसी जरूरी किया गया है।

LPG संकट के बीच बड़ा फैसला… इन लोगों की बंद हो सकती है गैस बुकिंग,  अगर बचना है तो झटपट करें ये काम

9 महीने से सिलेंडर नहीं लेने वालों की बुकिंग हो सकती बंद
ई-केवाईसी के बिना नहीं मिलेगा नया गैस सिलेंडर
फर्जी कनेक्शन रोकने और सप्लाई बचाने के लिए सख्ती


देशभर में एलपीजी गैस की संभावित किल्लत के बीच अब गैस एजेंसियों ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। नए नियमों के तहत उन उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग सेवाएं बंद की जा सकती हैं, जिन्होंने पिछले 9 महीनों से एक भी सिलेंडर नहीं लिया है। ऐसे उपभोक्ताओं को अब अपनी सेवा दोबारा शुरू कराने के लिए अनिवार्य रूप से केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध और वैश्विक तनाव के कारण एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए गैस एजेंसियों ने निष्क्रिय कनेक्शनों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। एजेंसियों का मानना है कि लंबे समय से इस्तेमाल न होने वाले कनेक्शनों का दुरुपयोग हो सकता है और ये ‘घोस्ट कनेक्शन’ बन जाते हैं, जिससे असली जरूरतमंदों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पाता।

अब जिन उपभोक्ताओं ने 9 महीने या उससे अधिक समय से गैस नहीं ली है, उन्हें ‘सस्पेंडेड’ श्रेणी में डाल दिया गया है। ऐसे ग्राहकों को बिना केवाईसी के नया सिलेंडर बुक करने की अनुमति नहीं होगी।

कैसे दोबारा चालू होगी गैस सेवा
अगर आपकी गैस बुकिंग बंद हो गई है, तो उसे दोबारा शुरू कराने के लिए आपको अपनी गैस एजेंसी पर जाकर केवाईसी फॉर्म भरना होगा। इसके साथ आधार कार्ड और बैंक पासबुक की कॉपी जमा करनी होगी। साथ ही बायोमेट्रिक या फेस वेरिफिकेशन के जरिए पहचान सत्यापन करना जरूरी होगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 24 से 48 घंटे के भीतर आपकी गैस बुकिंग सेवा फिर से शुरू की जा सकती है।

घर बैठे भी कर सकते हैं ई-केवाईसी
उपभोक्ता चाहें तो घर बैठे ऑनलाइन भी ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित गैस कंपनी के पोर्टल या मोबाइल ऐप पर जाकर ‘अपडेट केवाईसी’ सेक्शन में जानकारी भरनी होगी। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के जरिए सत्यापन पूरा किया जा सकता है।

क्यों जरूरी हुआ यह कदम
सरकार और गैस एजेंसियों का मकसद साफ है—सीमित सप्लाई के बीच सही उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचाना। ऐसे में निष्क्रिय और फर्जी कनेक्शनों को हटाकर सिस्टम को पारदर्शी और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में ईंधन की उपलब्धता को लेकर चुनौतियां बढ़ सकती हैं, इसलिए उपभोक्ताओं को समय रहते अपनी केवाईसी अपडेट कर लेनी चाहिए, ताकि उनकी रसोई में किसी भी तरह की परेशानी न हो।