हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश, 2 महिलाएं और वकील समेत 4 गिरफ्तार… बुजुर्ग को फंसाकर मांगे थे ₹20 लाख

भिवानी में हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने 2 महिलाओं और एक वकील समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने बुजुर्ग से 20 लाख की मांग की थी।

हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश, 2 महिलाएं और वकील समेत 4 गिरफ्तार… बुजुर्ग को फंसाकर मांगे थे ₹20 लाख

हनी ट्रैप में फंसाकर बुजुर्ग से मांगे ₹20 लाख
2 महिलाएं और एक वकील समेत 4 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने 1 लाख नकद, 6 मोबाइल और 2 बाइक बरामद की


भिवानी में पुलिस ने एक संगठित हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में 2 महिलाओं और एक वकील समेत कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर एक बुजुर्ग को जाल में फंसाया और उस पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाकर पहले ₹20 लाख की मांग की। बाद में यह सौदा ₹5 लाख में तय हुआ, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को पैसे लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।

डीएसपी मुख्यालय महेश कुमार ने बताया कि शिकायतकर्ता बुजुर्ग एक मकान किराए पर लेने के लिए गया था, जहां आरोपियों ने उसे अपने जाल में फंसा लिया। योजना के तहत एक महिला ने बुजुर्ग को मकान दिखाने के बहाने बुलाया और बाद में उस पर दुष्कर्म का आरोप लगा दिया। इस शिकायत के आधार पर महिला थाना भिवानी में 20 मार्च को केस दर्ज किया गया था।

मामले में मोड़ तब आया जब पीड़िता मेडिकल परीक्षण से बार-बार बचती रही। इसी बीच बुजुर्ग के बेटे ने पुलिस को शिकायत दी कि कुछ लोग उसके पिता को केस से बचाने के नाम पर पैसे की मांग कर रहे हैं। पहले ₹20 लाख की मांग की गई, जो बाद में ₹5 लाख पर तय हो गई।

आरोपियों ने पैसे लेने के लिए बार-बार स्थान बदलना शुरू कर दिया, जिससे पुलिस को शक हुआ। इसके बाद महिला थाना भिवानी और सीआईए स्टाफ-2 की संयुक्त टीम ने जाल बिछाया और बासिया भवन के पास योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को रंगे हाथ काबू कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में भिवानी निवासी विक्रम, बृजवासी कॉलोनी निवासी मनोज कुमार जो पेशे से एडवोकेट है, और दो महिला आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से ₹1 लाख नकद, 6 मोबाइल फोन और 2 बाइक बरामद की हैं।

पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को फंसाकर उनसे पैसे ऐंठता था। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन थाना में केस दर्ज कर लिया है और उन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। यह मामला जहां एक ओर कानून के दुरुपयोग की गंभीर तस्वीर पेश करता है, वहीं पुलिस की सतर्कता से एक बड़ा अपराध उजागर हुआ है।