इकलौते बेटे के अंगदान से 8 जिंदगियां रोशन, परिवार बना मिसाल
रोहतक में भिवानी निवासी बिजेंद्र के अंगदान से 8 लोगों को नई जिंदगी मिली, परिवार के इस फैसले ने मानवता की मिसाल पेश की।
➤ रोहतक में इकलौते बेटे का अंगदान, 8 लोगों को मिली नई जिंदगी
➤ परिजनों ने दुख में लिया बड़ा फैसला, बना मानवता की मिसाल
➤ ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दिल-दिल्ली, लीवर-एम्स, किडनी-पीजीआई पहुंचाई गई
हरियाणा के भिवानी जिले के जूई कला गांव के 37 वर्षीय युवक बिजेंद्र ने अपने जीवन के बाद भी मानवता की मिसाल कायम कर दी। उनके अंगदान से 8 लोगों को नई जिंदगी मिली, जिससे पूरा प्रदेश भावुक और प्रेरित नजर आया।
जानकारी के अनुसार, बिजेंद्र भिवानी बस स्टैंड पर अचेत अवस्था में मिले थे। इसके बाद उन्हें तुरंत उपचार के लिए PGIMS Rohtak के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया।
इस कठिन समय में भी परिवार ने असाधारण साहस दिखाया। परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें अंगदान के महत्व के बारे में समझाया, जिसके बाद उन्होंने यह बड़ा निर्णय लिया कि उनके बेटे के अंग किसी और की जिंदगी बचा सकते हैं। बिजेंद्र अपने परिवार का इकलौता बेटा था और उनका खुद एक छोटा बेटा भी है, जिसकी जिम्मेदारी अब परिवार पर है।
डॉक्टरों की टीम ने तत्परता दिखाते हुए अंगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया शुरू की। बिजेंद्र का हृदय दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल और गुरुग्राम के आर्टेमिस अस्पताल भेजा गया। वहीं उनकी किडनी पीजीआई रोहतक में और लीवर AIIMS Delhi भेजा गया। इन अंगों को समय पर पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, जिसमें पुलिस प्रशासन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पीजीआई रोहतक के वाइस चांसलर एच के अग्रवाल ने इस फैसले को बेहद सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि परिवार ने अपने दुख को ताकत में बदलते हुए जो निर्णय लिया है, वह समाज के लिए प्रेरणा है। इस पूरी प्रक्रिया में दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक की मेडिकल टीमों ने मिलकर समन्वय के साथ काम किया।
जब बिजेंद्र के पार्थिव शरीर को पीजीआई से गांव के लिए रवाना किया गया, तो वहां मौजूद डॉक्टरों, स्टाफ और अधिकारियों ने फूल बरसाकर श्रद्धांजलि दी और सलामी दी। यह दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था।
यह घटना समाज को एक बड़ा संदेश देती है कि अंगदान सबसे बड़ा मानव धर्म है, जिससे कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
Akhil Mahajan