व्रत में साबुदाना खाने से पहले जान लें ये बातें, इन लोगों के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें
सावन व्रत में साबुदाना खाने से पहले जानें किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। डायबिटीज, वजन घटाने और पाचन संबंधी समस्याओं वाले लोगों के लिए जरूरी हेल्थ टिप्स।
व्रत में साबुदाना हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं
■ डायबिटीज और वजन घटाने वालों को बरतनी चाहिए सावधानी
■ सही तरीके से खाएं तो मिल सकती है बेहतर ऊर्जा
सावन के महीने में बड़ी संख्या में लोग भगवान शिव की आराधना के साथ व्रत रखते हैं। व्रत के दौरान साबुदाना खिचड़ी, साबुदाना वड़ा और साबुदाना खीर सबसे ज्यादा खाए जाने वाले व्यंजनों में शामिल हैं। साबुदाना शरीर को जल्दी ऊर्जा देने वाला खाद्य पदार्थ माना जाता है, लेकिन यह हर व्यक्ति के लिए समान रूप से फायदेमंद नहीं होता।
विशेषज्ञों के अनुसार साबुदाना में मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट होता है, जबकि इसमें प्रोटीन और फाइबर की मात्रा काफी कम होती है। ऐसे में अगर इसे अधिक मात्रा में खाया जाए या संतुलित भोजन के बिना लिया जाए, तो कुछ लोगों की स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।
डायबिटीज के मरीजों को साबुदाना खाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इसमें मौजूद अधिक कार्बोहाइड्रेट ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। इसलिए डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार ही सीमित मात्रा में इसका सेवन करना बेहतर माना जाता है।
जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें भी साबुदाना नियंत्रित मात्रा में खाना चाहिए। यह कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है। खासकर साबुदाना वड़ा जैसे डीप फ्राई व्यंजन अधिक कैलोरी बढ़ा सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए साबुदाना खिचड़ी बेहतर विकल्प हो सकती है।
पाचन संबंधी समस्या या कब्ज से परेशान लोगों को भी सावधानी रखनी चाहिए। साबुदाना में फाइबर कम होने के कारण अधिक सेवन और कम पानी पीने से कब्ज या पाचन संबंधी दिक्कत बढ़ सकती है।
जिन लोगों का ब्लड शुगर बार-बार ऊपर-नीचे होता है, उनके लिए भी साबुदाना अकेले खाना उचित नहीं माना जाता। इसे दही, मूंगफली, दूध या अन्य प्रोटीन स्रोतों के साथ खाने से भोजन अधिक संतुलित बन सकता है और ब्लड शुगर में अचानक बदलाव की संभावना कम हो सकती है।
कम शारीरिक गतिविधि करने वाले लोगों को भी साबुदाना सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। अधिक मात्रा में सेवन करने पर अतिरिक्त कैलोरी शरीर में जमा हो सकती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि साबुदाना खाते समय उसमें मूंगफली, दही या दूध जैसे प्रोटीन स्रोत शामिल करें। आलू और घी की मात्रा सीमित रखें, डीप फ्राई वड़ा की जगह खिचड़ी को प्राथमिकता दें, पर्याप्त पानी पिएं और जरूरत से ज्यादा सेवन करने से बचें।
अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज, किडनी या कोई अन्य गंभीर बीमारी है, तो व्रत के दौरान अपनी डाइट डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही तय करनी चाहिए।
pooja