नोरा फतेही के गाने ‘सरके चुनर’ पर सरकार का बैन, संसद में उठा मुद्दा
नोरा फतेही और संजय दत्त के गाने ‘सरके चुनर’ पर विवाद के बाद केंद्र सरकार ने बैन लगा दिया है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बयान दिया।
■ विवादित कंटेंट पर केंद्र का एक्शन, गाना किया गया बैन
■ अश्विनी वैष्णव बोले- अभिव्यक्ति की आजादी निरंकुश नहीं हो सकती
■ नोरा फतेही ने भी दी प्रतिक्रिया, लोगों से शेयर न करने की अपील
फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों एक बड़े विवाद ने तूल पकड़ लिया है। केडी: द डेविल के गाने ‘सरके चुनर’ को लेकर चल रहे विवाद के बाद केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए इस गाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
लोकसभा में इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर कुछ भी परोसना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि कला और अभिव्यक्ति को समाज और संस्कृति की मर्यादाओं के भीतर रहकर प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
यह गाना नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गया था और रिलीज के बाद से ही इसके बोलों को लेकर सोशल मीडिया पर भारी विरोध देखने को मिल रहा था। कई लोगों ने इसे अश्लील और आपत्तिजनक बताते हुए बैन की मांग की थी।
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Is there even a censor board in India? How are such vulgar, double-meaning songs allowed to go mainstream?
Film : KD: The Devil, a pan-India film directed by Prem.
Singer: Satyavathi Rathod.
Lyrics: Raqeeb Alam.
Music: Arjun Janya.
pic.twitter.com/7P4LtuklKi — THE SKIN DOCTOR (@theskindoctor13) March 16, 2026
नोरा फतेही देश की सबसे चर्चित डांसर-परफ़ॉर्मर में से एक हैं. यूट्यूब पर उनका हर गाना करोड़ों व्यूज़ बटोरता है. मगर इस बार वो KD के वल्गर गाने का हिस्सा बनने की वजह से ट्रोल हो रही हैं. 'सरके चुनर तेरी सरके' नाम के इस गाने के बोल हैं, पहले उठाले, अंदर वो डाले नीचे एक बूंद न गिराए खाली कर के निकाले मुझे पे न गिराना, मुझे लगता है डर भेद खुल जाए ना, संभल के जाना घर चूसेगा या चाटेगा, जो करना है कर तेरी बोतल पर न पड़े किसी की भी नज़र।
विवाद बढ़ने के बाद नोरा फतेही ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि अच्छा है कि इस गाने को लेकर इतना विरोध हुआ, जिससे इसे हटाने की कार्रवाई हुई। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि इस गाने को आगे शेयर न करें, क्योंकि इससे इसे और प्लेटफॉर्म मिलता है।
केंद्र सरकार ने लगाया गाने पर प्रतिबंध
लोकसभा में इस गाने के मुद्दे को समाजवादी पार्टी के सांसर आनंद भदौरिया ने उठाया था. जिसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने माननीय अध्यक्ष महोदय को संबोधित करते जवाब दिया और बताया कि गाने को पहले ही बैन किया जा चुका है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैषणव ने सदन में कहा कि, 'मैं पूरे सदन को कहना चाहूंगा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जरूरी है लेकिन इसे पूरी तरह से निरंकुश नहीं किया जा सकता है. इसे समाज और संस्कृति के दायरे में रहकर ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए'.
#WATCH | Speaking in Lok Sabha, on the ban on Bollywood film song 'Sarke Chunariya', Union Minister for Information & Broadcasting, Ashwini Vaishnaw says," A ban has been imposed on the song. We must operate according to the reasonable restrictions under the Freedom of Speech.… pic.twitter.com/TMSBaiLVke — ANI (@ANI) March 18, 2026
इस गाने के बोलों को लेकर फिल्म इंडस्ट्री में भी बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे रचनात्मक स्वतंत्रता का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे समाज के लिए गलत संदेश देने वाला मान रहे हैं।
बताया जा रहा है कि गाने के बोल मूल रूप से कन्नड़ भाषा में लिखे गए थे और बाद में इसका हिंदी अनुवाद किया गया। हालांकि, विवाद के बाद गीतकार ने भी इससे दूरी बनाते हुए कहा कि यह उनका मूल लेखन नहीं है।
इस पूरे मामले के बीच सेंसर बोर्ड की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यूट्यूब और सोशल मीडिया पर रिलीज होने वाले गाने सीधे सेंसर बोर्ड के दायरे में नहीं आते, इसलिए पहले इस पर रोक नहीं लग पाई। फिलहाल सरकार के इस फैसले के बाद यह साफ संकेत मिल गया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी कंटेंट को लेकर सख्ती बढ़ाई जा सकती है।
Akhil Mahajan