नोरा फतेही के गाने ‘सरके चुनर’ पर सरकार का बैन, महिला आयोग की एंट्री से नोरा फतेही-संजय दत्त पर शिकंजा

नोरा फतेही और संजय दत्त के गाने ‘सरके चुनर’ पर विवाद के बाद केंद्र सरकार ने बैन लगा दिया है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बयान दिया।

नोरा फतेही के गाने ‘सरके चुनर’ पर सरकार का बैन, महिला आयोग की एंट्री से नोरा फतेही-संजय दत्त पर शिकंजा

➤ ‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाने पर अश्लीलता का आरोप, महिला आयोग सख्त

➤ नोरा फतेही और संजय दत्त समेत 5 लोगों को नोटिस जारी

➤ NCW ने स्वतः संज्ञान लेकर मांगा जवाब, बढ़ी कानूनी मुश्किलें


‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाने को लेकर अब विवाद गहरा गया है और मामला सीधे राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने गाने में कथित अश्लीलता के आरोपों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है, जिससे फिल्म और मनोरंजन जगत में हलचल मच गई है। आयोग ने इस मामले में अभिनेत्री नोरा फतेही और अभिनेता संजय दत्त समेत कुल पांच लोगों को समन जारी किया है। यह कदम इस बात का संकेत है कि आयोग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और गाने के कंटेंट की जांच करेगा।

महिला आयोग का मानना है कि गाने में अश्लीलता और आपत्तिजनक प्रस्तुति के आरोप लगे हैं, जो समाज में गलत संदेश दे सकते हैं। इसी आधार पर आयोग ने बिना किसी औपचारिक शिकायत के स्वतः संज्ञान लिया, जिसे कानूनी रूप से एक बड़ा कदम माना जाता है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद मनोरंजन इंडस्ट्री में बहस तेज हो गई है, जहां एक तरफ रचनात्मक स्वतंत्रता की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ महिला सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि नोटिस मिलने के बाद संबंधित कलाकार और निर्माता क्या जवाब देते हैं। यदि आयोग को जवाब संतोषजनक नहीं मिलता है, तो आगे सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है, जिससे मामला और बड़ा रूप ले सकता है। कुल मिलाकर, ‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाने पर उठा यह विवाद अब कानूनी और सामाजिक बहस का मुद्दा बन गया है, और आने वाले दिनों में इस पर बड़ा फैसला देखने को मिल सकता है।

फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों एक बड़े विवाद ने तूल पकड़ लिया है। केडी: द डेविल के गाने ‘सरके चुनर’ को लेकर चल रहे विवाद के बाद केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए इस गाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। लोकसभा में इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर कुछ भी परोसना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि कला और अभिव्यक्ति को समाज और संस्कृति की मर्यादाओं के भीतर रहकर प्रस्तुत किया जाना चाहिए। यह गाना नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गया था और रिलीज के बाद से ही इसके बोलों को लेकर सोशल मीडिया पर भारी विरोध देखने को मिल रहा था। कई लोगों ने इसे अश्लील और आपत्तिजनक बताते हुए बैन की मांग की थी।

केंद्र सरकार ने लगाया गाने पर प्रतिबंध
लोकसभा में इस गाने के मुद्दे को समाजवादी पार्टी के सांसर आनंद भदौरिया ने उठाया था. जिसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने माननीय अध्यक्ष महोदय को संबोधित करते जवाब दिया और बताया कि गाने को पहले ही बैन किया जा चुका है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैषणव ने सदन में कहा कि, 'मैं पूरे सदन को कहना चाहूंगा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जरूरी है लेकिन इसे पूरी तरह से निरंकुश नहीं किया जा सकता है. इसे समाज और संस्कृति के दायरे में रहकर ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए'.