ह‍रियाणा में बिजली चोरी पकड़ने गई टीम पर हमला, JE-ALM की पिटाई , मोबाइल छीनकी वीडियोज़ किए Delete

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ह‍रियाणा में बिजली चोरी पकड़ने गई टीम पर हमला,  JE-ALM की पिटाई , मोबाइल छीनकी वीडियोज़ किए Delete

अवैध केबल हटाते ही JE-ALM पर हमला
दो मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट, फोन तोड़ने का आरोप
SHO बोले– बिना पुलिस बताए जाएंगे तो टकराव संभव


फतेहाबाद जिले के कुम्हारिया गांव में बिजली चोरी पकड़ने पहुंची बिजली निगम की टीम पर ग्रामीणों द्वारा हमले का मामला सामने आया है। आरोप है कि टीम ने जैसे ही खंभे पर डाले गए अवैध केबल की जांच शुरू की, कुछ युवकों ने JE और ALM को घेर लिया और उनके साथ हाथापाई की। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिससे पूरे प्रकरण ने तूल पकड़ लिया है।

जानकारी के अनुसार, फतेहाबाद डिवीजन के अंतर्गत बड़ोपल सब डिवीजन की टीम नियमित चेकिंग के तहत गांव में पहुंची थी। गांव के बाहरी हिस्से में एक व्यक्ति द्वारा खंभे से सीधे केबल डालकर बिजली ली जा रही थी। टीम के पहुंचते ही संबंधित युवक केबल हटाने लगा। इसी दौरान टीम ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी।

ALM के साथ मारपीट करता युवक।

बताया जा रहा है कि जैसे ही टीम ने घर के बाहर गाड़ी रोकी, वहां मौजूद 10 से 12 युवक एकत्र हो गए। आरोप है कि एक युवक ने ALM का कॉलर पकड़ लिया और थप्पड़ मार दिए। वहीं JE के हाथ से मोबाइल छीनने की कोशिश की गई। कर्मचारियों का कहना है कि दो मोबाइल छीनकर उनसे वीडियो डिलीट कराई गई और बाद में फोन जमीन पर पटककर तोड़ दिए गए। गाड़ी की चाबी निकालने का भी आरोप है।

घटना के बाद टीम ने उच्च अधिकारियों को सूचना दी। JE का कहना है कि दो ढाणियों में डायरेक्ट सप्लाई चल रही थी, जिसे रोकने पर विवाद बढ़ा। स्थिति बिगड़ती देख टीम को गांव से वापस लौटना पड़ा।

इस मामले में सदर थाना के SHO प्रहलाद सिंह का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने कहा कि बिना पुलिस को सूचित किए कार्रवाई करने पर टकराव की स्थिति बन सकती है। हालांकि उन्होंने मारपीट की घटना से इनकार करते हुए कहा कि केवल रास्ता रोके जाने की सूचना है और मामले की जांच की जा रही है।

घटना के बाद बिजली कर्मचारियों में रोष है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि भविष्य में ऐसी कार्रवाई के दौरान पुलिस सुरक्षा की मांग की जाएगी। वहीं ग्रामीण पक्ष की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

पूरा मामला अब जांच के दायरे में है। यदि मोबाइल तोड़ने और वीडियो डिलीट कराने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित धाराओं में सख्त कार्रवाई हो सकती है।