सावधान! CBSE परीक्षा के साथ टेलीग्राम पर ‘पेपर लीक’ गैंग एक्टिव: ठगी ठगे जा रहे छात्र

CBSE 10वीं-12वीं परीक्षाओं के बीच टेलीग्राम पर पेपर लीक के नाम पर 2500 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में फर्जी चैनल और QR कोड पेमेंट स्कैम का खुलासा हुआ है।

सावधान! CBSE परीक्षा के साथ टेलीग्राम पर ‘पेपर लीक’ गैंग एक्टिव: ठगी ठगे जा रहे छात्र

➤ फर्जी टेलीग्राम चैनल पर ‘असली पेपर’ का लालच
➤ QR कोड और पेमेंट लिंक से वसूले जा रहे पैसे
➤ पुलिस जांच में सामने आया बड़ा ऑनलाइन स्कैम

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी Central Board of Secondary Education (CBSE) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं शुरू होते ही सोशल मीडिया पर पेपर लीक के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हो गए हैं। खासकर टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर ‘एग्जाम से पहले असली पेपर’ देने का दावा करने वाले कई फर्जी चैनल तेजी से फैल रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि स्कैमर्स पहले टेलीग्राम पर आकर्षक नामों से चैनल बनाते हैं। इन चैनलों में छात्रों को मैसेज और लिंक भेजकर दावा किया जाता है कि उनके पास परीक्षा का ओरिजिनल प्रश्न पत्र मौजूद है। जैसे ही छात्र उस लिंक पर क्लिक करते हैं, उन्हें दूसरे प्राइवेट ग्रुप में जोड़ लिया जाता है।

इस प्राइवेट ग्रुप में एडमिन की ओर से QR कोड या पेमेंट लिंक भेजा जाता है और कहा जाता है कि ‘रियल पेपर’ पाने के लिए 2500 रुपये जमा करने होंगे। कुछ स्क्रीनशॉट में यह भी दावा किया गया है कि टॉप 30 स्टूडेंट्स को ही प्राइवेट ग्रुप में एड किया जाएगा और वहीं असली पेपर अपलोड होगा। पैसे जमा होते ही या तो फर्जी प्रश्न पत्र भेज दिया जाता है या फिर ग्रुप का एडमिन गायब हो जाता है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर साल परीक्षा के दौरान इस तरह के साइबर ठगी के मामले सामने आते हैं। छात्र और अभिभावक परीक्षा के दबाव में आकर जल्दी निर्णय ले लेते हैं और ठगी का शिकार बन जाते हैं। जांच एजेंसियां ऐसे चैनलों और खातों को ट्रैक कर रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आधिकारिक परीक्षा का पेपर इस तरह सोशल मीडिया पर पहले से उपलब्ध होना लगभग असंभव है। बोर्ड की सुरक्षा प्रणाली बेहद सख्त होती है। ऐसे में छात्रों को चाहिए कि वे किसी भी तरह के ‘पेपर लीक’ के दावे पर भरोसा न करें।

छात्रों के लिए जरूरी सलाह

परीक्षा से पहले किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
QR कोड या ऑनलाइन पेमेंट लिंक पर बिना सत्यापन पैसे न भेजें।
किसी भी संदिग्ध ग्रुप या मैसेज की जानकारी तुरंत अभिभावकों और स्कूल प्रशासन को दें।
सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट और बोर्ड की सूचना पर भरोसा करें।