पंचकूला में HPSC घेराव से पहले बवाल: कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन, दीपेंद्र हुड्डा और वरुण मुलाना हिरासत में

पंचकूला में HPSC मुख्यालय घेरने जा रहे यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया। सांसद दीपेंद्र हुड्डा और वरुण मुलाना को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन भर्ती विवाद को लेकर जारी है।

पंचकूला में HPSC घेराव से पहले बवाल: कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन, दीपेंद्र हुड्डा और वरुण मुलाना हिरासत में

HPSC मुख्यालय घेरने जा रहे यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन
बैरिकेट्स पर चढ़े सांसद दीपेंद्र हुड्डा और वरुण मुलाना हिरासत में
35 प्रतिशत मार्क्स क्राइटेरिया और चेयरमैन हटाने की मांग पर प्रदर्शन

पंचकूला में हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) मुख्यालय के घेराव से पहले हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए जब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। सेक्टर-5 स्थित परेड ग्राउंड से मुख्यालय की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स लगाकर रोका गया। इसके विरोध में रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा और अंबाला से सांसद वरुण मुलाना बैरिकेड्स पर चढ़ गए। मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों नेताओं समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पंचकूला पुलिस लाइन पहुंचाया। कुछ देर बाद सभी को रिहा कर दिया गया।

बैरिकेडिंग से नीचे कूदते सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा।

यूथ कांग्रेस के इस प्रदर्शन की अगुवाई संगठन के अध्यक्ष निशित कटारिया कर रहे थे। प्रदर्शनकारी HPSC चेयरमैन को हटाने, 35 प्रतिशत मार्क्स के क्राइटेरिया को खत्म करने और विवादित भर्तियों को दोबारा कराने की मांग कर रहे हैं। पिछले करीब 50 दिनों से युवा सेक्टर-5 परेड ग्राउंड में धरने पर बैठे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन का इस्तेमाल करती पुलिस।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए। वहीं कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया और कहा कि युवाओं की आवाज दबाने के लिए सरकार बल प्रयोग कर रही है। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।

वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा, वरुण मौलाना और अन्य बैरिकेड्स पर चढ़ गए।

इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। एक ओर युवा भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की मांग पर अड़े हैं, वहीं सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी घमासान और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।