दिल्ली में फिर दहली इंसानियत, चलती बस में महिला से गैंगरेप !
दिल्ली के नांगलोई में चलती बस में महिला से गैंगरेप के आरोपों ने हड़कंप मचा दिया। पुलिस ने ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर मामले की कई एंगल से जांच शुरू की है।
- दिल्ली में चलती बस में महिला से गैंगरेप के आरोप से मचा हड़कंप
- ड्राइवर और कंडक्टर गिरफ्तार, पुलिस जांच में पैसों के विवाद का एंगल भी सामने आया
- महिला सुरक्षा को लेकर फिर उठे बड़े सवाल, निर्भया कांड की यादें ताजा
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। राजधानी में सामने आए एक कथित चलती बस गैंगरेप कांड ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। घटना के सामने आने के बाद पूरे दिल्ली पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वहीं, सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
मामला दिल्ली के नांगलोई इलाके का बताया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला एक फैक्ट्री में काम करती है और देर रात काम खत्म कर घर लौट रही थी। आरोप है कि इसी दौरान एक प्राइवेट बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने महिला को बस में खींच लिया और उसके साथ कई किलोमीटर तक दरिंदगी की गई।
पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने करीब 7 किलोमीटर तक बस दौड़ाई और उसके साथ दुष्कर्म किया। वारदात के बाद देर रात करीब 2 बजे उसे सड़क पर फेंककर आरोपी फरार हो गए। महिला किसी तरह पुलिस तक पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुदेश (30) और अमन (26) के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ BNS की धारा 64(1), 70(1) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि बस की खिड़कियों पर काली फिल्म लगी हुई थी और पर्दे भी डाले गए थे। इससे बाहर से बस के अंदर की गतिविधियां दिखाई नहीं दे रही थीं। इस खुलासे के बाद परिवहन नियमों के पालन और निजी बसों की निगरानी पर भी सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि मामले में बाद में एक नया मोड़ भी सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के पीछे पैसों के विवाद का एंगल भी जांच के दायरे में है। पुलिस इस पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही है और सभी तथ्यों को जुटाने में लगी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
इस घटना ने लोगों को साल 2012 के निर्भया कांड की याद दिला दी है, जिसने पूरे देश को हिला दिया था। 14 साल बाद भी राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर वही सवाल फिर खड़े हो गए हैं कि आखिर दिल्ली की सड़कें महिलाओं के लिए कब सुरक्षित होंगी।
महिला सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस और प्रशासन के दावों पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र मजबूत होता तो शायद ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था। फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Akhil Mahajan