डेरा सच्चा ट्रस्ट को शिक्षण संस्थानों, अस्पताल और रोजाना खर्च के लिए बैंक खाते के संचालन की छूट
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा ट्रस्ट को शिक्षण संस्थानों, अस्पताल और रोजाना खर्च के लिए बैंक खाते संचालित करने की अनुमति दी है; 2017 की पंचकूला हिंसा की जांच भी हाईकोर्ट करेगी
➤ पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा को बैंक संचालन की छूट दी
➤ शिक्षण संस्थानों, अस्पताल और रोज़ाना खर्च के लिए खाते खुलेंगे
➤ टीचर्स और स्टाफ को वेतन भुगतान में रुकावट दूर होगी
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा ट्रस्ट को अपने शिक्षण संस्थानों, अस्पताल और रोजाना खर्च के लिए बैंक खाते संचालित करने की अनुमति दे दी है। इससे पहले हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा-सौदा में चल रहे सात शिक्षण संस्थानों को चलाने के लिए एक गवर्निंग बॉडी का गठन किया था, जिसमें सिरसा के डीसी, डीईओ और दो रिटायर्ड प्रिंसिपल शामिल थे।
डेरे के प्रमुख गुरमीत सिंह को सजा सुनाए जाने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर डेरा सच्चा-सौदा सिरसा के सभी बैंक खाते सील कर दिए गए थे। इस वजह से डेरे के स्कूलों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों के टीचर्स और स्टाफ को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा था। कर्मचारियों की वेतन भुगतान में देरी और संस्थानों के बिजली‑पानी के बिलों की अदा न हो पाने की समस्या से बच्चों के शिक्षा और भविष्य पर असर पड़ने का खतरा पैदा हो गया था।
हाईकोर्ट के आदेश से अब इन संस्थानों के बैंक खाते खुलेंगे और वेतन भुगतान के साथ-साथ संचालन से जुड़े सभी खर्चों को सुचारू रूप से निपटाया जा सकेगा। इससे न केवल शिक्षक और स्टाफ राहत महसूस करेंगे, बल्कि बच्चों की पढ़ाई और अस्पताल सेवाओं में भी व्यवधान नहीं आएगा।
इसके अलावा, पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने 2017 की पंचकूला हिंसा पर भी जांच का आदेश दिया है। उस वर्ष डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह को रेप मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पंचकूला में हुए हिंसक घटनाक्रम में 32 लोगों की मौत हुई थी और 118 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ — चीफ जस्टिस शील नागू, जस्टिस विनोद एस भारद्वाज और जस्टिस विक्रम अग्रवाल — इस मामले से जुड़ी जनहित याचिकाओं की सुनवाई कर रही है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि उस समय हरियाणा सरकार कितनी सक्षम रही और क्या हिंसा रोकने में उसकी कोई चूक या मिलीभगत थी।
Akhil Mahajan