सरकारी अस्पताल की पार्किंग में महिला की डिलीवरी
फरीदाबाद के FRU-2 सरकारी अस्पताल में स्टाफ की देरी के कारण गर्भवती महिला की डिलीवरी पार्किंग में करानी पड़ी। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
फरीदाबाद के सरकारी अस्पताल की पार्किंग में महिला की डिलीवरी करानी पड़ी
• इमरजेंसी गेट बंद मिला, परिजनों ने स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए
• महिला की मां ने टॉर्च की रोशनी में कराया प्रसव
फरीदाबाद के सेक्टर-3 स्थित प्रजनन एवं स्वास्थ्य शिशु केंद्र FRU-2 में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। नर्सिंग स्टाफ के समय पर नहीं पहुंचने के कारण एक गर्भवती महिला की डिलीवरी अस्पताल के अंदर नहीं, बल्कि अस्पताल की पार्किंग में ही करानी पड़ी।
यह घटना 15 और 16 मई की रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर मुख्य गेट बंद मिला और इमरजेंसी वार्ड में भी कोई स्टाफ मौजूद नहीं था।
परिवार के सदस्य चमन चंदीला ने बताया कि वह रात करीब 1:30 बजे अपने ताऊ के बड़े बेटे की पत्नी बलेश को डिलीवरी के लिए FRU-2 स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। उस समय महिला को तेज प्रसव पीड़ा हो रही थी और वह चलने की हालत में नहीं थी।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में कोई स्टाफ नहीं मिलने पर परिजनों ने खुद व्हीलचेयर का इंतजाम किया। काफी देर तक डॉक्टर और नर्स का इंतजार किया गया, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा।
परिजनों के अनुसार जब महिला की हालत ज्यादा गंभीर होने लगी तो मजबूरी में उसकी मां को ही पार्किंग स्थल में डिलीवरी करानी पड़ी। परिवार का कहना है कि अगर समय पर प्रसव नहीं कराया जाता तो मां और नवजात दोनों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
महिला के पति देवेंद्र चंदीला ने भी अस्पताल स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनकी छोटी मां ने समय रहते डिलीवरी करवाई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। उनका कहना है कि पूरी घटना अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही का नतीजा है।
घटना के दौरान अस्पताल की पार्किंग में टॉर्च की रोशनी में महिला की जांच और प्रसव कराने का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में पुरुषों की मौजूदगी के बीच महिला की जांच होती दिखाई दे रही है, जिस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सिविल सर्जन NHM डॉ. रचना ने कहा कि पार्किंग में डिलीवरी का मामला संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि महिला अस्पताल में क्रिटिकल स्थिति में पहुंची थी।
डॉ. रचना के अनुसार परिवार के लोग स्टाफ नर्स को बुलाने ऊपर गए थे। नर्स को नीचे आने में 5 से 7 मिनट का समय लगा क्योंकि वह जरूरी उपकरण और ग्लव्स ले रही थी। इसी दौरान पार्किंग में महिला की डिलीवरी हो गई।
उन्होंने कहा कि बाद में स्टाफ नर्स ने मौके पर जरूरी मेडिकल सहायता दी और मां-बच्चे को वार्ड में भर्ती कराया गया। मामले में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
pooja