फायर ब्रिगेड कर्मचारी 15 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
गुरुग्राम में सेक्टर-29 फायर ब्रिगेड ऑफिस का कर्मचारी 15 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ। आरोपी की कार से 2.98 लाख रुपए कैश भी बरामद हुए हैं।
- गुरुग्राम में फायर ब्रिगेड कर्मचारी 15 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
- ट्रैप कार्रवाई के दौरान आरोपी की कार से 2.98 लाख कैश भी बरामद
- सोसायटी में आग लगने के मामले में फंसाने की धमकी देकर मांगी थी रिश्वत
हरियाणा के गुरुग्राम में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर-29 स्थित फायर ब्रिगेड ऑफिस में तैनात कर्मचारी मनोज कुमार उर्फ मनोज कादयान को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी को 15 हजार रुपए लेते समय ट्रैप कार्रवाई के दौरान काबू किया गया।
इस कार्रवाई के बाद फायर विभाग में हड़कंप मच गया है। एसीबी टीम ने आरोपी की कार की तलाशी ली तो उसमें से 2 लाख 98 हजार 50 रुपए नकद भी बरामद हुए। बरामद रकम को लेकर अब आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता पारसनाथ एक्सोटिका सोसायटी के मेंटेनेंस विभाग में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत है। शिकायतकर्ता ने एसीबी को दी शिकायत में बताया कि 13 अप्रैल 2026 को सोसायटी के फ्लैट नंबर C-4/1203 में आग लगने की घटना हुई थी। इसी मामले में आरोपी फायर कर्मचारी मनोज कुमार ने ड्यूटी में लापरवाही के केस में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत की मांग की थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने शुरुआत में 20 हजार रुपए मांगे थे। बाद में बातचीत के दौरान सौदा 15 हजार रुपए में तय हुआ। रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने मामले की सूचना सीधे राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम देकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने पैसे लिए, पहले से तैनात एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
ट्रैप कार्रवाई के दौरान आरोपी की कार की तलाशी ली गई तो उसमें से करीब 2.98 लाख रुपए कैश बरामद हुआ। अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी नकदी कहां से आई और उसका क्या स्रोत है, इसकी जांच की जा रही है।
एसीबी अधिकारियों के मुताबिक आरोपी के खिलाफ थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम में मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं है।
इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों द्वारा डर दिखाकर रिश्वत मांगना बेहद गंभीर मामला है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
Akhil Mahajan