हरियाणा बजट सत्र की तारीख पर आज फैसला, CM सैनी ने बुलाई कैबिनेट मीटिंग

हरियाणा बजट सत्र 2026 की तारीख पर आज फैसला संभव, CM नायब सिंह सैनी की कैबिनेट मीटिंग, फार्मासिस्ट भर्ती नियमों पर चर्चा।

हरियाणा बजट सत्र की तारीख पर आज लग सकती है मुहर
CM सैनी की अध्यक्षता में कैबिनेट मीटिंग, फार्मासिस्ट भर्ती नियमों पर चर्चा
2026-27 का दूसरा बजट पेश करेंगे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी


हरियाणा के बजट सत्र 2026 की तारीख को लेकर आज बड़ा फैसला हो सकता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज शाम करीब 4 बजे चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय में कैबिनेट मीटिंग बुलाई गई है। यह इस वर्ष की दूसरी कैबिनेट बैठक होगी। इससे पहले 1 जनवरी को कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई थी।

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में विधानसभा के बजट सत्र की तारीख को मंजूरी दी जा सकती है। माना जा रहा है कि बजट सत्र की शुरुआत 20 फरवरी से हो सकती है, जबकि 25 से 27 फरवरी के बीच बजट पेश किए जाने की संभावना है। इस बार बजट सत्र में 12 से 15 बैठकें (सीटिंग्स) हो सकती हैं। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी।

कैबिनेट मीटिंग में बजट सत्र के अलावा कुछ अहम प्रस्तावों पर भी चर्चा संभव है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण फार्मासिस्ट भर्ती नियमों को मंजूरी देने का प्रस्ताव है। इस संबंध में फाइल अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तक पहुंच चुकी है। यदि मंजूरी मिलती है तो स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सीएम सैनी का दूसरा बजट

वित्त मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वर्ष 2026–27 का अपना दूसरा बजट पेश करेंगे। पिछले वर्ष राज्य का बजट करीब 2.05 लाख करोड़ रुपये का था, जो इस बार बढ़कर करीब सवा दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। पिछले बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए 5000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसे इस बार दोगुना किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

होली से पहले बजट निपटाने की तैयारी

इस वर्ष होली 4 मार्च को है। सरकार की कोशिश है कि त्योहार से पहले ही पूरा बजट पारित कर लिया जाए। पिछले साल बजट सत्र 7 मार्च से 28 मार्च तक चला था, लेकिन इस बार इसे 20 मार्च तक सीमित रखने की योजना है। बजट पेश होने के बाद उस पर विस्तार से चर्चा के लिए विधायकों की समितियां भी गठित की जाएंगी।

बीएसी तय करेगी सत्र की अवधि

कैबिनेट मीटिंग में केवल बजट सत्र की शुरुआती तारीख को मंजूरी मिलेगी। सत्र कितने दिन चलेगा, इसका अंतिम निर्णय बाद में विधानसभा स्पीकर हरविन्द्र कल्याण की अध्यक्षता में होने वाली बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में किया जाएगा। बीएसी ही विधानसभा के पूरे एजेंडे और कार्यसूची को अंतिम रूप देती है।

प्रदेश में फार्मासिस्टों की भारी कमी

हरियाणा में फार्मासिस्ट के कुल 1163 स्वीकृत पदों में से 568 पद रिक्त हैं। इसकी वजह से कई सरकारी अस्पतालों में दवा वितरण का कार्य प्रशिक्षु, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी या स्टाफ नर्सों से कराया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

फार्मेसी अधिनियम 1948 के अनुसार, किसी भी पंजीकृत फार्मासिस्ट के अलावा कोई व्यक्ति डॉक्टर के पर्चे पर दवा तैयार, मिश्रित या वितरित नहीं कर सकता। फार्मासिस्टों की कमी से दवाओं का वितरण, भंडारण, खरीद, टीकों की कोल्ड चेन और अन्य तकनीकी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य अधूरा रह जाता है।