हरियाणा के DGP का चौथा लेटर — “तौलिया हटाओ, टेबल छोटा करो, जनता से जुड़ो”
हरियाणा के DGP ओपी सिंह ने चौथा लेटर जारी कर पुलिसकर्मियों को जनता से बेहतर व्यवहार और पारदर्शी पब्लिक डीलिंग की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि थानों में ऑफिस कल्चर बदले, कुर्सी पर तौलिया न लगाएं, जनता के लिए विजिटर्स रूम बनाएं।
➤ हरियाणा के DGP ओपी सिंह ने चौथा लेटर जारी कर पुलिसकर्मियों को दिए सख्त निर्देश
➤ थानों में पब्लिक डीलिंग सुधारने, ऑफिस कल्चर बदलने और संवेदनशीलता बढ़ाने पर जोर
➤ DGP बोले—"पुलिस एक बल है, लेकिन सेवा भी, झटका उसे दो जो जनता का खून चूसते हैं"
हरियाणा के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) ओपी सिंह ने प्रदेश की पुलिस व्यवस्था में जनता से जुड़ाव और व्यवहार सुधार पर एक और सख्त कदम उठाया है। उन्होंने सभी थानों और पुलिस कार्यालयों में तैनात SHO, DSP, ACP, SP, DCP, CP, IG और ADG रेंज के अधिकारियों को चौथा मोटिवेशनल और गाइडलाइन लेटर जारी किया है।
इस लेटर में DGP ने कहा है कि, "सरकारी दफ्तर जनता के पैसे से बने हैं और ये उनके सहयोग के लिए हैं, न कि भय पैदा करने के लिए"। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे अपने ऑफिस का माहौल जनता के अनुकूल बनाएं और पब्लिक डीलिंग को एक कला की तरह सीखें।
उन्होंने कहा कि "सबसे पहले अपने ऑफिस की टेबल का साइज छोटा करें, अपनी और विजिटर्स की कुर्सी एक जैसी रखें। कुर्सी पर तौलिया लगाना बंद करें, इसका कोई मतलब नहीं है।" DGP का संदेश साफ है—पुलिसकर्मी अपनी पोजीशन नहीं, पेशे की जिम्मेदारी से पहचानें।
DGP ओपी सिंह के लेटर की प्रमुख बातें
1. विजिटर्स के लिए अलग रूम बनाएं
DGP ने कहा कि अगर किसी थाने या ऑफिस में कॉन्फ्रेंस हॉल है, तो वहां विजिटर्स रूम बनाया जाए। इस रूम में प्रेमचंद, दिनकर, रेणु जैसे साहित्यकारों की किताबें रखी जाएं, ताकि आने वाले लोग सहज महसूस करें। एक व्यवहार-कुशल पुलिसकर्मी को विजिटर्स से बातचीत करने और उन्हें चाय-पानी परोसने के लिए नियुक्त करें।
2. मेट्रो स्टेशन जैसा प्रोटोकॉल अपनाएं
उन्होंने कहा कि थानों में लोगों को गेट से विजिटर्स रूम तक पहुंचाने के लिए मेट्रो स्टेशन जैसा सिस्टम लागू करें—फुट स्टेप्स, साइनेज, दिशा संकेतक आदि लगाएं। DGP ने सुझाव दिया कि DAV पुलिस पब्लिक स्कूल के छात्र इस काम में स्टीवर्ड के रूप में ट्रेनिंग लेकर सेवा दे सकते हैं। इससे जनता को सुविधा मिलेगी और बच्चों में संवेदनशीलता की सीख भी जाएगी।
3. शिकायत निपटान की स्पष्ट प्रक्रिया
उन्होंने कहा कि शिकायत आने के एक हफ्ते के भीतर तीन में से एक कार्रवाई जरूर करें।
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अगर मामला कानूनी है तो FIR दर्ज करें।
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अगर शिकायत सिविल नेचर की है, तो थाने से ही CM विंडो में दर्ज कराएं और संबंधित अधिकारी को फोन से सूचित करें।
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अगर शिकायत झूठी है, तो रोजनामचा में रपट दर्ज करें और चेतावनीस्वरूप उसकी कॉपी शिकायतकर्ता को दें। बार-बार झूठी शिकायत करने वालों पर कार्रवाई करें।
4. पब्लिक डीलिंग न समझने वालों को थानों से हटाएं
DGP ने कहा कि जो पुलिसकर्मी जनता से संवाद की कला नहीं समझते, उन्हें थाना-चौकी से हटाकर किसी अन्य विभागीय काम में लगाया जाए। उन्होंने सख्त लहजे में लिखा, “बढ़ई को हलवाई का काम देने में कोई बुद्धिमानी नहीं है।”
5. पुलिस की असली भूमिका याद रखें
अपने संदेश के अंत में DGP ने लिखा—“पुलिस एक बल है, लेकिन सेवा भी। आप एक तार हैं जिसमें करंट दौड़ रहा है। लोगों को आपसे कनेक्शन चाहिए, रोशनी चाहिए। झटका जरूर दें, लेकिन सिर्फ उन लोगों को जो जनता का खून चूसते हैं।”
यह पत्र हरियाणा पुलिस में संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और मानवीय व्यवहार की एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले भी DGP ओपी सिंह ने तीन लेटर जारी किए थे, जिनमें अनुशासन, जवाबदेही और आंतरिक सुधार पर जोर दिया गया था।
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