हरियाणा दिवस पर मिल सकता है नए जिलों का तोहफ़ा

हरियाणा दिवस पर सरकार नए जिले की घोषणा कर सकती है। हांसी, गोहाना और डबवाली सबसे मजबूत दावेदार हैं जबकि 10 जगहों से प्रस्ताव सरकार तक पहुँचे हैं।

हरियाणा दिवस पर मिल सकता है नए जिलों का तोहफ़ा

हरियाणा दिवस पर नए जिले का तोहफ़ा मिल सकता है
हांसी गोहाना और डबवाली बने मजबूत दावेदार
सरकार के पास पहुंचे 10 नए जिले बनाने के प्रस्ताव



हरियाणा दिवस पर प्रदेश को एक बड़ा तोहफ़ा मिलने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार नए जिले की घोषणा कर सकती है। इसके लिए तीन प्रमुख दावेदारहांसी, गोहाना और डबवाली— का नाम सबसे आगे चल रहा है। हालांकि सरकार के पास अब तक 10 नए जिलों के गठन के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं जिनमें असंध, नारायणगढ़, मानेसर, पिहोवा, बरवाला, सफीदों, पटौदी, डबवाली, हांसी और गोहाना शामिल हैं।

प्रशासनिक सूत्र बताते हैं कि नए जिले के गठन के लिए कुछ मानक तय किए गए हैं। इनमें कम से कम 125 से 200 गांव, 4 लाख से अधिक आबादी और 80 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल का होना आवश्यक है। फिलहाल राजस्व विभाग द्वारा इन तीनों प्रमुख इलाकों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे मुख्यमंत्री के पास अंतिम निर्णय के लिए भेजा जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि हरियाणा दिवस पर जिले की घोषणा होने से स्थानीय संतुलन और विकास की राजनीति दोनों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, जिन इलाकों से प्रस्ताव आए हैं, वहाँ के लोगों में उम्मीद की लहर है कि इस बार उनके क्षेत्र को भी जिला दर्जा मिल सकता है।



प्रदेश में अभी 22 जिले हैं। जिन नए जिलों को बनाने की तैयारी है, उनमें हिसार का हांसी, सिरसा का डबवाली, करनाल का असंध, जींद का सफीदों और सोनीपत का गोहाना शामिल है। इनमें हांसी और डबवाली पहले ही पुलिस जिले बनाए जा चुके हैं।

इसके अलावा गुरुग्राम के मानेसर को भी जिला बनाने की मांग उठी है। हालांकि इसके पूरे दस्तावेज न पहुंचने से इस पर अगली बैठक में फैसला लिया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में नए डिवीजन, सब डिवीजन और तहसीलों के प्रस्ताव पर भी इसी मीटिंग में चर्चा होगी।

हरियाणा के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा है कि प्रदेश में नए जिले बनाने को लेकर अगले सप्ताह तक रिपोर्ट फाइनल कर ली जाएगी। नए जिलों को लेकर काफी हद तक मंथन पूरा हो चुका है। अगली बैठक में रिपोर्ट तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भेज दी जाएगी।

कमेटी की अब तक हो चुकी 4 बैठकें
नए जिले बनाने को लेकर सब-कमेटी की अब तक 4 बैठकें हो चुकी हैं। इसमें जिलों से आई डिमांड की स्टडी के लिए संबंधित प्रशासन को निर्देश दिए जा चुके हैं। कैबिनेट सब-कमेटी की पूर्व में हुई बैठकों में फैसला लिया जा चुका है कि हरियाणा में नए जिले, उपमंडल, उप-तहसील और नई तहसीलें बनाने के लिए उपायुक्तों की सिफारिश जरूरी है। ब्लॉक समिति के लिए संबंधित विधानसभा क्षेत्र के विधायक, नगर पालिका या नगर निगम का प्रस्ताव अनिवार्य किया गया है।


नए मंडल बनाने के भी संकेत दिए
सब कमेटी की पिछली बैठक में नए जिलों के साथ नए मंडल बनाने पर भी चर्चा की गई थी। कमेटी की ओर से उपायुक्तों से कहा गया था कि वे जरूरी दस्तावेज पूरे करवाकर कैबिनेट सब-कमेटी के पास भिजवाएं, ताकि उन पर फैसला लिया जा सके। इसके तहत उपायुक्तों की ओर से कमेटी के पास रिपोर्ट भेजी गई है, जिस पर इस बैठक में कमेटी मंथन करेगी।


कैबिनेट सब कमेटी को एक्सटेंशन दे चुकी सरकार
कैबिनेट सब कमेटी को प्रदेश सरकार ने एक्सटेंशन दी थी। सरकार की ओर से प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में 4 दिसंबर 2024 को सब-कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी का कार्यकाल 4 मार्च 2025 को पूरा हो गया था, जिसे अब 30 जून 2025 तक बढ़ाया गया है।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव और वित्तायुक्त राजस्व डॉ. सुमिता मिश्रा ने सब कमेटी का कार्यकाल बढ़ाने के आदेश जारी किए थे। इस कमेटी में राजस्व एवं निकाय मंत्री विपुल गोयल, संसदीय कार्य मामले में मंत्री महिपाल सिंह ढांडा और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा शामिल हैं।

भाजपा पहले ही संकेत दे चुकी
प्रदेश में नए जिले बनाने के लिए भाजपा पहले ही संगठन में नियुक्ति के दौरान संकेत दे चुकी है। भाजपा ने प्रदेश के 22 जिलों के मुकाबले 27 जिला प्रधान बनाए थे। इनमें हांसी, गोहाना, डबवाली, गुरुग्राम महानगर और बल्लभगढ़ शामिल हैं।