हरियाणा सेवा आयोग की रिपोर्ट आज जारी, 27 लाख केसों का निपटारा

हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की 2024-25 रिपोर्ट आज जारी होगी। 27.43 लाख मामलों में से 98% का निपटारा किया गया है और बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा।

हरियाणा सेवा आयोग की रिपोर्ट आज जारी, 27 लाख केसों का निपटारा

सेवा का अधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट आज जारी
27 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा, 98% सफलता दर
बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को मिलेगा सम्मान


हरियाणा में सरकारी सेवाओं की पारदर्शिता और समयबद्धता को लेकर बड़ा दिन है। चंडीगढ़ स्थित हरियाणा लोक भवन में आज हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की जाएगी। इस मौके पर राज्यपाल असीम कुमार घोष रिपोर्ट का विमोचन करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह रिपोर्ट प्रदेश में सरकारी सेवाओं की डिलीवरी, शिकायत निवारण और विभिन्न विभागों के प्रदर्शन की विस्तृत तस्वीर पेश करेगी।

रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा में 56 विभागों की 802 सेवाओं के तहत अब तक कुल 27.43 लाख अपील और रिवीजन दर्ज किए गए हैं। इनमें से लगभग 26.98 लाख मामलों का समाधान किया जा चुका है, जो करीब 98.4 प्रतिशत की प्रभावशाली सफलता दर को दर्शाता है। यह आंकड़ा बताता है कि राज्य में सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत लोगों को समय पर सेवाएं देने की दिशा में लगातार सुधार हो रहा है।

कार्यक्रम के दौरान उन अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने समयबद्ध सेवाएं देने और शिकायतों का तेजी से निपटारा करने में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। सम्मान पाने वालों में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक चंद्र शेखर खरे, फरीदाबाद नगर निगम के आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा, डीएचबीवीएन हिसार के कार्यकारी अभियंता होशियार सिंह, पीएचईडी नारायणगढ़ के कार्यकारी अभियंता अनिल कुमार चौहान, एनआईसी की सिस्टम एनालिस्ट अंशु सेठी और सॉफ्टवेयर डेवलपर प्रशांत कुमार शामिल हैं।

रिपोर्ट में आय, निवास, जन्म-मृत्यु और जाति प्रमाण पत्र जैसी बुनियादी सेवाओं के अलावा बिजली कनेक्शन, पानी, सीवरेज, प्रॉपर्टी आईडी और चरित्र प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं के प्रदर्शन का भी विस्तृत उल्लेख किया गया है। इन सेवाओं से प्रदेश के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिला है।

गौरतलब है कि आयोग ने 1 सितंबर 2021 को ऑटो अपील सिस्टम (AAS) की शुरुआत की थी। इस व्यवस्था के तहत यदि निर्धारित समय में सेवा नहीं मिलती, तो अपील अपने आप दर्ज हो जाती है। इससे नागरिकों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और सिस्टम अधिक पारदर्शी व जवाबदेह बनता है।

यह रिपोर्ट न सिर्फ सरकार के कामकाज का आईना है, बल्कि भविष्य में सेवा सुधार के लिए भी अहम दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है।