करनाल खाद्य आपूर्ति विभाग का अकाउंटेंट सस्पेंड; बाजरा घोटाले का मामला
करनाल खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अकाउंटेंट कप्तान सिंह को विभागीय जांच लंबित रहने के चलते सस्पेंड कर दिया गया है। मामला 1320 क्विंटल बाजरा घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है।
➤ करनाल खाद्य आपूर्ति विभाग का अकाउंटेंट सस्पेंड
➤ विभागीय जांच लंबित रहने पर हुई बड़ी कार्रवाई
➤ 1320 क्विंटल बाजरा घोटाले का मामला फिर चर्चा में
करनाल में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में तैनात अकाउंटेंट कप्तान सिंह को विभागीय जांच लंबित रहने के चलते तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई गबन और बाजरा घोटाले से जुड़े मामले में जांच में देरी के बाद की गई है। विभाग द्वारा जारी आदेशों के बाद पूरे विभाग में हलचल मच गई है।
जानकारी के अनुसार 8 मई 2026 को चंडीगढ़ मुख्यालय से निलंबन के आदेश जारी किए गए थे, जिसकी कॉपी 12 मई को संबंधित अधिकारियों को भेजी गई। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक अकाउंटेंट कप्तान सिंह निलंबित रहेंगे। यह आदेश खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले हरियाणा के महानिदेशक अंशज सिंह द्वारा जारी किया गया है।
बाजरा घोटाले के आरोपों से जुड़ा मामला
बताया जा रहा है कि यह मामला 1320 क्विंटल बाजरे के कथित घोटाले से जुड़ा हुआ है। कप्तान सिंह ने कुछ समय पहले अपने परिवार के साथ डीएफएससी कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों और कर्मचारियों पर मानसिक प्रताड़ना और काम नहीं करने देने के आरोप लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ कर्मचारी शिकायतकर्ताओं के साथ मिलकर लगातार दबाव बना रहे हैं।
कप्तान सिंह ने अपने आरोपों में एसआई मनोज कुमार, अमजद, बिजेंद्र और सुनील भारद्वाज के नाम भी लिए थे। उन्होंने कहा था कि जिस बाजरा घोटाले की शिकायत की जा रही है, वह उनके कार्यकाल का नहीं बल्कि दूसरे कर्मचारी के समय का मामला है, लेकिन आरोप उन पर लगाए जा रहे हैं।
निलंबन अवधि में मिलेगा भत्ता
विभागीय आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान कप्तान सिंह को हरियाणा सिविल सेवा नियम 2016 के तहत जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। हालांकि इसके लिए उन्हें यह प्रमाण देना होगा कि उन्होंने इस दौरान कोई अन्य नौकरी या निजी कार्य नहीं किया है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय झज्जर रहेगा। बिना संबंधित अधिकारी की अनुमति के उन्हें मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
अधिकारियों को भेजी गई आदेश की प्रति
विभाग की ओर से निलंबन आदेश की प्रतियां जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक करनाल, झज्जर, स्थापना शाखा-1 के अधीक्षक, मुख्यमंत्री कार्यालय के ओएसडी और मंत्री के निजी सचिव को भी भेजी गई हैं।
Akhil Mahajan