समय से पहले इस दिन दस्‍तक देगा मानसून

IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। 26 मई तक केरल पहुंचने और कई राज्यों में बारिश-आंधी की संभावना जताई गई है।

समय से पहले इस दिन दस्‍तक देगा मानसून

➤ देश में समय से पहले दस्तक दे सकता है मॉनसून

➤ 26 मई के आसपास केरल पहुंचने का अनुमान

➤ ओडिशा में तेज बारिश और आंधी-तूफान का येलो अलर्ट जारी


देशभर में भीषण गर्मी के बीच राहत भरी खबर सामने आई है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस बार तय समय से पहले दस्तक दे सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार सोमवार 18 मई 2026 को मॉनसून ने कई इलाकों में तेजी से प्रगति की है, जिससे देश में मौसमी बारिश की शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।

IMD के मुताबिक मॉनसून अब दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक आगे बढ़ चुका है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि मॉनसून इस साल करीब 26 मई को केरल पहुंच सकता है। हालांकि इसमें कुछ दिन आगे-पीछे होने की संभावना भी जताई गई है।

उधर, मुंबई मौसम विज्ञान केंद्र के डायरेक्टर बिक्रम सिंह ने कहा कि यदि मॉनसून सामान्य गति से आगे बढ़ता है तो केरल पहुंचने के करीब 10 दिन बाद यह मुंबई तक पहुंच सकता है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि मुंबई में मॉनसून 6 जून के आसपास दस्तक दे सकता है।

ओडिशा में मौसम तेजी से बदलता नजर आ रहा है। राज्य के कई जिलों में बारिश और आंधी-तूफान का दौर शुरू हो गया है। गंजाम, रायगढ़ा, नयागढ़ और मयूरभंज जिलों में बारिश दर्ज की गई है, जबकि राज्य के कई अन्य हिस्से अभी भी सूखे की स्थिति से जूझ रहे हैं।

IMD ने अगले 24 घंटों में बालासोर, भद्रक, कटक, पुरी, खुर्दा, गंजाम, मयूरभंज, क्योंझर, सुंदरगढ़, कोरापुट और मलकानगिरी समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान का पूर्वानुमान जारी किया है।

इसके अलावा मयूरभंज, क्योंझर, सुंदरगढ़, बालासोर, भद्रक, गंजाम, गजपति, कालाहांडी, कंधमाल, रायगढ़ा और कोरापुट जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं और बारिश से केले और पकी धान की फसल को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा कच्चे मकानों, झोपड़ियों और कमजोर ढांचों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।

IMD ने लोगों को सलाह दी है कि आंधी-तूफान के दौरान घरों के अंदर रहें, पेड़ों के नीचे खड़े न हों और बिजली के उपकरणों का कनेक्शन हटा दें।