बास्केटबॉल पोल गिरने से नेश्नल खिलाड़ी की मौत के मामले में खेल अधिकारी सस्पेंड, लाखनमाजरा खेल नर्सरी भी बंद
रोहतक में बास्केटबॉल पोल गिरने से नेशनल प्लेयर हार्दिक की मौत के बाद जिला खेल अधिकारी सस्पेंड। खेल मंत्री ने हाई लेवल मीटिंग बुलाई
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रोहतक जिला खेल अधिकारी सस्पेंड, बास्केटबॉल पोल गिरने से नेशनल प्लेयर की मौत
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खेल मंत्री गौरव गौतम ने 28 नवंबर को हाई लेवल मीटिंग बुलाई
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खेल नर्सरी सस्पेंड, जांच कमेटी गठित — उपकरणों की मेंटेनेंस में बड़ी लापरवाही
रोहतक के लाखनमाजरा ब्लॉक में बास्केटबॉल पोल गिरने से नेशनल लेवल खिलाड़ी हार्दिक (16) की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। जिला खेल अधिकारी अनूप सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही लाखनमाजरा खेल नर्सरी को भी अस्थायी रूप से बंद करते हुए मामले की जांच और खेल उपकरणों की सुरक्षा मानकों की समीक्षा के लिए एक कमेटी बनाई गई है।
कमेटी में बास्केटबॉल कोच और राजीव गांधी स्टेडियम के इंचार्ज को शामिल किया गया है। वहीं, इस घटना के बाद खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने 28 नवंबर को पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में एक हाई लेवल मीटिंग बुला ली है। इसमें वरिष्ठ अधिकारी और सभी जिला खेल अधिकारी शामिल होंगे।
घटना 25 नवंबर की सुबह की है, जब हार्दिक प्रैक्टिस करने के लिए नर्सरी पहुंचा था। वह एक्सरसाइज करते हुए दौड़कर 750 किलो वजनी पोल पर लटक गया, तभी पोल उसकी छाती पर गिर गया और वह दब गया। पास के खिलाड़ियों ने पोल उठाकर उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हार्दिक कई नेशनल प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुका था। उसने कांगड़ा में 47वीं सब-जूनियर नेशनल में सिल्वर, हैदराबाद में 49वीं में ब्रॉन्ज और पुडुचेरी में 39वीं यूथ नेशनल में ब्रॉन्ज जीता था।
घटना के बाद हरियाणा ओलंपिक संघ ने तीन दिनों तक सभी खेल कार्यक्रम रद्द करने का फैसला किया।
खबर सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई। कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यह हादसा नहीं बल्कि सिस्टम द्वारा की गई हत्या है। वहीं सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि यदि मेंटेनेंस या निगरानी में लापरवाही हुई है तो कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
4 साल पहले तत्कालीन सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने स्टेडियम की मेंटेनेंस के लिए 11 लाख रुपए दिए थे, लेकिन विभागीय प्रक्रियाओं में देरी के कारण टेंडर अटका हुआ था। जिला खेल अधिकारी का कहना है कि 14 स्टेडियम के लिए 2.1 करोड़ का बजट PWD को दिया हुआ है, पर टेंडर अभी तक नहीं लग पाया।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने रोहतक में नेशनल बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत के मामले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि सरकार की लापरवाही से हुई मौत है। उन्होंने इसे आत्मा को झकझोर देने वाली घटना बताया।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि रोहतक का एक लाल, जिसका चयन बास्केटबॉल में हुआ था और जो टीम का कप्तान बनने का सपना देख रहा था, वह दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। लेकिन यह हादसा सरकारी सिस्टम की अनदेखी का नतीजा है।
सांसद हुड्डा ने आरोप लगाया कि आज देश सवाल पूछ रहा है। खुद सरकार से कुछ नहीं बना, लेकिन हमने जो बनाया उसकी भी कद्र नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बने 481 स्टेडियम में से कोई भी 11 साल से मेंटेनेंस नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि लाखनमाजरा स्टेडियम के लिए प्रशासन ने पहले 12 लाख रुपए मांगे, जो उन्होंने दिए। उसके बाद 6 लाख दोबारा दिए, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने उनकी सांसद कोटे की ग्रांट को फाइलों में दबा दिया।
दीपेंद्र ने कहा कि सरकार की लापरवाही से एक होनहार खिलाड़ी को खो दिया गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए भी वे लगातार विकास कार्य कर रहे हैं, जबकि सरकार सिर्फ कागज़ों में काम कर रही है।
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