असम में प्लेन क्रैश में शहीद स्क्वाड्रन लीडर अनुज शर्मा को अंतिम विदाई, रोहतक के ककराना गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
असम में सुखोई फाइटर प्लेन क्रैश में शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर अनुज शर्मा का पार्थिव शरीर रोहतक के ककराना गांव पहुंचा। हजारों लोगों की मौजूदगी में उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
■ असम में सुखोई फाइटर प्लेन क्रैश में शहीद स्क्वाड्रन लीडर अनुज शर्मा को अंतिम विदाई
■ रोहतक के ककराना गांव में राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
■ श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब, नेताओं और ग्रामीणों ने दी भावभीनी विदाई
असम में सुखोई फाइटर प्लेन क्रैश में शहीद हुए भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर अनुज शर्मा का पार्थिव शरीर शनिवार को उनके पैतृक गांव रोहतक जिले के ककराना पहुंचा। गांव में शहीद के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। परिवार, ग्रामीणों और सेना के अधिकारियों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। अब उनका पार्थिव शरीर गांव के श्मशान घाट लाया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
जैसे ही शहीद अनुज शर्मा का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। घर पर परिजनों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद पार्थिव शरीर को श्मशान घाट लाया गया, जहां हजारों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे। इस दौरान रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा और केंद्रीय मंत्री अरविंद शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
शादी से पहले ही देश के लिए हो गए शहीद
बताया जा रहा है कि स्क्वाड्रन लीडर अनुज शर्मा की जल्द ही शादी होने वाली थी। उनकी मंगेतर भी पेशे से पायलट हैं। लेकिन उससे पहले ही देश की सेवा करते हुए वह शहीद हो गए। इस खबर से परिवार और गांव में गहरा दुख छा गया है।
बचपन से ही पढ़ाई में होनहार थे अनुज
अनुज शर्मा का जन्म 9 अगस्त 1993 को रोहतक के ककराना गांव में हुआ था। जब वह करीब 7 साल के थे, तब उनका परिवार गुरुग्राम शिफ्ट हो गया। उनकी पढ़ाई-लिखाई गुरुग्राम में ही हुई। पढ़ाई में होनहार होने के कारण उन्होंने कम उम्र में ही बड़ा लक्ष्य तय कर लिया था और 2015 में भारतीय वायुसेना में उनका चयन हो गया।
ट्रेनिंग के बाद गांव में हुआ था भव्य स्वागत
एयरफोर्स में चयन के बाद अनुज शर्मा ने 2016 में ट्रेनिंग पूरी की। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद जब वह पहली बार अपने गांव लौटे थे, तब ककराना गांव के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया था। गांव के लोगों को गर्व था कि उनका बेटा देश की वायुसेना में सेवा कर रहा है।
पिता भी सेना से रिटायर
अनुज शर्मा के पिता आनंद शर्मा भारतीय सेना में सूबेदार के पद से रिटायर हैं। अपने पिता से प्रेरणा लेकर ही अनुज ने देश सेवा का रास्ता चुना और भारतीय वायुसेना में शामिल हुए। उनके परिवार में एक छोटा भाई मनुज भी है, जो बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंग्लैंड में नौकरी करता है। भाई के शहीद होने की सूचना मिलते ही वह तुरंत भारत लौट आया।
कैसे हुआ सुखोई फाइटर प्लेन क्रैश
भारतीय वायुसेना के अनुसार SU-30 MKI लड़ाकू विमान ने असम के जोरहाट एयरबेस से गुरुवार शाम नियमित अभ्यास उड़ान भरी थी। इस विमान में स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर सवार थे। उड़ान के कुछ समय बाद ही शाम करीब 7:42 बजे विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क टूट गया और विमान रडार से गायब हो गया।
सर्च ऑपरेशन में मिला विमान का मलबा
विमान के लापता होने के तुरंत बाद वायुसेना ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाश के दौरान पता चला कि विमान जोरहाट से करीब 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग के घने जंगलों में क्रैश हो गया। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए दोनों अधिकारियों के शहीद होने की पुष्टि की।
Akhil Mahajan