जिला परिषद सदस्य का अनोखा अंदाज- घोड़े पर सवार होगर पहुंचे मीटिंग में

रोहतक में जिला पार्षद जयदेव डागर जिला विकास भवन की बैठक में घोड़े पर सवार होकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह घोड़ा ग्रामीणों ने चुनाव के दौरान भेंट किया था और वे जीव-जंतुओं के संरक्षण का संदेश देना चाहते हैं।

जिला परिषद सदस्य का अनोखा अंदाज- घोड़े पर सवार होगर पहुंचे मीटिंग में


➤ रोहतक में जिला पार्षद जयदेव डागर घोड़े पर सवार होकर पहुंचे मीटिंग में
➤ बैठक में जीव-जंतुओं के संरक्षण का मुद्दा उठाने की घोषणा
➤ चुनाव के समय ग्रामीणों ने भेंट किया था यह घोड़ा



रोहतक। जिला विकास भवन में सोमवार को एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब वार्ड-10 के जिला पार्षद जयदेव डागर अपनी गाड़ी की बजाय घोड़े पर सवार होकर बैठक में पहुंचे। मीटिंग में आने वालों की नजर जैसे ही मुख्य द्वार पर पड़ी, तो सभी हैरान रह गए। पार्षद डागर ने कहा कि उन्होंने यह कदम जीव-जंतुओं के संरक्षण और देशी नस्लों को बचाने का संदेश देने के लिए उठाया है।

जयदेव डागर ने बताया कि उन्हें यह घोड़ा, जिसका नाम श्याम करण है, गांव रिटोली के ग्रामीणों ने चुनाव के समय सम्मान स्वरूप भेंट किया था। यह उनके बड़े भाई राहुल दादू को दिया गया था। डागर ने कहा कि वे इस घोड़े को सिर्फ सवारी के रूप में नहीं, बल्कि “गांव के सम्मान का प्रतीक” मानते हैं। वे आज गांव कबूलपुर से रोहतक तक घोड़े पर सवार होकर आए और बैठक के बाद वापस भी इसी पर लौटेंगे।

जिला परिषद की बैठक में पहुंचने के बाद पार्षद ने कहा कि वे इस बार बैठक में पशु संरक्षण और नस्ल सुधार से जुड़ा मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने कहा कि “हम विकास की दौड़ में पशुधन और ग्रामीण संस्कृति को भूलते जा रहे हैं, जबकि यही हमारी असली ताकत है।”

भवन परिसर में मौजूद लोग और अन्य सदस्य इस अनोखे आगमन को देखकर मुस्कुरा उठे। कुछ लोगों ने इसे पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश बताया तो कुछ ने इसे “देसी संस्कृति की झलक” कहा। सोशल मीडिया पर जयदेव डागर का यह अंदाज तेजी से वायरल हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि जयदेव डागर हमेशा से गांव की परंपराओं और पशुधन के प्रति प्रेम के लिए जाने जाते हैं। उनका यह कदम सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि यह संदेश है कि विकास के साथ प्रकृति और जीवों का संतुलन भी जरूरी है।