CM कहते हैं आंच नहीं आएगी, निकम्मे अफसर को मिली शाबासी़,सीईओ को शह दे रहे मंत्री गंगवा : सेतिया
सिरसा के कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने जिला परिषद सीईओ सुभाष चंद्र के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीएम मनोहर लाल और मंत्री रणबीर गंगवा को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि “निक्कमे अफसरों” को सरकार का सह मिल रहा है। सफाई, नशे और विकास कार्यों को लेकर सेतिया ने कहा कि अब संघर्ष की शुरुआत होगी।
➤ सिरसा में MLA-CEO विवाद फिर गरमाया
➤ विधायक गोकुल सेतिया ने सीएम और मंत्री गंगवा को दी चेतावनी
➤ कहा- निक्कमे अफसरों को सह दे रही सरकार, अब आर-पार की लड़ाई होगी
सिरसा। हरियाणा की सियासत में एक बार फिर सिरसा सुर्खियों में है। कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने गुरुवार को अपने सिरसा आवास पर मीडिया से बातचीत में जिला परिषद के सीईओ डॉ. सुभाष चंद्र को लेकर बड़ा हमला बोला। विधायक ने सीधे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा को चेतावनी देते हुए कहा कि “सरकार के कुछ निक्कमे लोग इस सीईओ को सह देने का काम कर रहे हैं। सिरसा विधानसभा के गांवों में सफाई और विकास कार्यों का हाल खराब है, पर कोई सुनवाई नहीं।”
विधायक ने कहा कि “गांवों में लोग पूछते हैं कि क्या मंत्री गंगवा आकर जवाब देंगे? मुख्यमंत्री कहते हैं कोई बात नहीं, आप पर आंच नहीं आएगी। क्या सीएम साहब इस निक्कमे अफसर को शाबासी देने यहां आए हैं? कभी इस मंत्री को साथ लेकर गांव में चलिए, फिर देखिए हालात। उसके बाद पूछिए किस बात की तारीफ कर रहे हैं।”
‘अफसर कहता है मैं किसी का गुलाम नहीं’
विधायक सेतिया ने बताया कि जब उन्होंने एडीसी से शिकायत की तो उनका कहना था कि “अफसर बोलता है, मैं किसी का गुलाम नहीं।” विधायक ने तीखे शब्दों में कहा कि एडीसी खुद बताएं — क्या कभी दफ्तर से निकलकर गांवों की हालत देखी है? उन्होंने कहा कि सब्जी मंडी, बस स्टैंड, डबवाली रोड, जे.जे. कॉलोनी में कूड़े के ढेर लगे हैं और सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। एक ही व्यक्ति एडीसी और डीएमसी दोनों का चार्ज संभाल रहा है। क्या यह ठीक प्रशासन है?
सेतिया बोले — अब संघर्ष शुरू होगा, प्रोटोकॉल नहीं मानेंगे
विधायक ने कहा कि “अब संघर्ष की शुरुआत करनी पड़ेगी। अब प्रोटोकॉल नहीं, अपने तरीके से काम करेंगे। किसी को नहीं बख्शा जाएगा।” उन्होंने बताया कि “काढा गांव में खेतों के नालों के काम दिए हुए हैं, एक साल से अधूरे हैं। अब हम आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।”
नशे पर भी बोले सेतिया — पहले रोक लगाओ, फिर खेल बढ़ाओ
सेतिया ने सिरसा में फैलते नशे पर भी सरकार को घेरा। बोले, “सरकार दिखाना चाहती है कि हम स्पोर्ट्स को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन पहले नशे पर रोक लगाओ। मैंने पुलिस को उन जगहों की लिस्ट दी थी जहां नशा बिकता है, पर जवाब आया कि वहां कुछ नहीं मिला। इससे साफ पता चलता है कि सिस्टम में मिलीभगत है। नई कमेटी बने, मैं खुद जाकर नशा बेचने वालों को पकड़वाऊंगा।”
उन्होंने बताया कि नए एसपी से बात हो चुकी है, जिन्होंने आश्वासन दिया है कि पुरानी शिकायतों पर कार्रवाई की जाएगी।
‘क्या सिरसा किसी और प्रदेश का हिस्सा है?’
विधायक ने कहा कि “हम लिख-लिखकर थक गए हैं, कोई सुनता नहीं। काम नहीं हो रहे, अफसर कहते हैं गुलाम नहीं हैं। भाजपा नारा देती है सबका साथ सबका विकास — तो क्या सिरसा किसी और प्रदेश का हिस्सा है? हमारे क्षेत्र की लगातार अनदेखी की जा रही है।”
उन्होंने यह भी बताया कि नई ग्रांट से 50 लाख रुपए संस्थाओं को देने थे, लेकिन नगर परिषद को लिखी चिट्ठी गुम हो गई। एक्सईएन से पूछा तो बोले — पता नहीं कहां गई। दूसरी चिट्ठी फिर लिखी गई है।
‘मंत्री विज से सवाल पूछने थे, मीटिंग कैंसिल हो गई’
सेतिया ने कहा कि “कल की ग्रीवांस मीटिंग में मंत्री अनिल विज से सवाल पूछने थे, पर वो मीटिंग रद्द कर दी गई। अब दिशा की मीटिंग में आर-पार की लड़ाई होगी। सांसद कुमारी सैलजा से कहा है कि हमारी पैरवी करें। अगर फिर भी काम नहीं हुआ तो विधानसभा में बैठेंगे या मुख्यमंत्री और मंत्री की गाड़ी के आगे लेट जाएंगे। जो करना पड़ेगा, करेंगे।”
सीईओ का पीछा करने का विवाद भी ताजा हुआ
कुछ दिन पहले विधायक सेतिया और सीईओ सुभाष चंद्र के बीच गाड़ी पीछा विवाद भी हुआ था। विधायक ने फोन पर सीईओ से गांवों के कामों की जानकारी मांगी तो उन्होंने दफ्तर आने को कहा। विधायक पहुंच गए तो सीईओ गाड़ी लेकर निकल गए। विधायक ने भी गाड़ी से उनका पीछा किया, पर सीईओ ने गाड़ी नहीं रोकी। इस मामले में अब सरपंच एसोसिएशन, अभय चौटाला और कर्ण चौटाला तक बयानबाजी हो चुकी है। यहां तक कि सीईओ की पत्नी ने विधायक के खिलाफ शिकायत दी है।
विधायक ने कहा कि “मंत्री गंगवा कहते हैं कि अगर सीईओ को कुछ हो जाता तो क्या होता? मैं कहता हूं, उनसे कहिए कि गांवों के अटके काम करवा दें, सब शांत हो जाएगा। उसने कोई काम नहीं करने दिया।” अब यह मुद्दा दोबारा गरम हो गया है और दिशा मीटिंग में हंगामे के आसार हैं।
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