'बहुत से कालनेमि धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर कर रहे...'

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'बहुत से कालनेमि धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर कर रहे...'

➤ शंकराचार्य विवाद के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ का सनातन धर्म पर सख्त बयान
➤ धर्म की आड़ में सनातन को कमजोर करने वाले “कालनेमि” तत्व सक्रिय होने का आरोप
➤ धर्म को शुद्ध आचरण और राष्ट्रहित से जोड़ते हुए समाज को सतर्क रहने की चेतावनी



नई दिल्ली/प्रयागराज. शंकराचार्य विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म को लेकर एक तीखा राजनीतिक-सांस्कृतिक बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आज कुछ लोग धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं. ऐसे लोगों को उन्होंने “कालनेमि” बताया, जो धर्म का वेश धारण कर समाज को भ्रमित करते हैं.

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एक सच्चे योगी, संत या संन्यासी का धर्म और राष्ट्र से बड़ा कोई निजी स्वार्थ नहीं होता. उन्होंने कहा कि धर्म केवल शब्दों या दिखावे में नहीं, बल्कि आचरण में दिखाई देना चाहिए. समाज को उन लोगों से सतर्क रहना चाहिए जो धर्म के नाम पर भ्रम फैलाते हैं.

सीएम योगी के अनुसार सनातन धर्म की रक्षा केवल परंपरा से नहीं, बल्कि नैतिकता और आचरण से होती है. उन्होंने संकेत दिया कि धर्म की आड़ में निजी या राजनीतिक हित साधने वालों से दूरी बनाना जरूरी है.

यह बयान ऐसे समय में आया है जब शंकराचार्य से जुड़े धर्मगुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेले के आयोजकों के बीच टकराव चर्चा में है. योगी के बयान को धर्म, समाज और राजनीति के संदर्भ में एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि अखंडता और एकता सर्वोपरि रहनी चाहिए.