नगर परिषद में 17.20 लाख के भुगतान पर घोटाले का केस: CSI और फर्म के खिलाफ FIR, पेनल्टी बचाकर पास किए बिल

फतेहाबाद नगर परिषद के CSI और राधा कृष्ण कॉ-ऑपरेटिव लेबर सोसायटी के खिलाफ टेंडर शर्तों की अनदेखी कर 17.20 लाख रुपए के भुगतान और पेनल्टी में अनियमितता को लेकर FIR दर्ज की गई है।

नगर परिषद में 17.20 लाख के भुगतान पर घोटाले का केस: CSI और फर्म के खिलाफ FIR, पेनल्टी बचाकर पास किए बिल

टेंडर शर्तों के खिलाफ 17.20 लाख का भुगतान
CSI सतपाल सैनी और राधा कृष्ण सोसायटी पर केस दर्ज
पेनल्टी कम लगाकर सरकारी खजाने को नुकसान का आरोप


फतेहाबाद नगर परिषद में वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक (CSI) सतपाल सैनी और मैसर्ज राधा कृष्ण कॉ-ऑपरेटिव लेबर सोसायटी लिमिटेड के खिलाफ सिटी थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि टेंडर की शर्तों की अनदेखी करते हुए करीब 17 लाख 20 हजार रुपए का भुगतान कर दिया गया और नियमानुसार लगने वाली पेनल्टी भी नाममात्र लगाकर बिल पास कराए गए।

यह कार्रवाई शहरी स्थानीय निकाय विभाग के एक्सईएन अंकित लोहान की शिकायत पर की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वेंडर को निर्धारित लिखित मापदंडों की अवहेलना करते हुए भुगतान किया गया, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की स्थिति बनी।

शिकायत के अनुसार, संबंधित फर्म को शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का पांच साल का टेंडर दिया गया था। टेंडर शर्तों के तहत घरों के बाहर डिवाइस के जरिए स्कैनिंग कर डेटा उपलब्ध करवाना अनिवार्य था, लेकिन शुरुआत में पर्याप्त स्कैनर नहीं लगाए गए। इतना ही नहीं, फर्म के पास आवश्यक संसाधन भी पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं थे।

आरोप है कि कार्य शुरू होने के शुरुआती 60 दिनों का बिल भी बिना उचित कटौती के पास कर दिया गया। नियमों के अनुसार पेनल्टी लगाकर भुगतान में कटौती की जानी चाहिए थी, मगर सीएसआई की ओर से नाममात्र की पेनल्टी लगाकर खानापूर्ति की गई। इससे फर्म को अनुचित लाभ पहुंचाने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।

मामले की जांच स्वच्छ भारत मिशन के डायरेक्टर और मुख्यालय के एक्सईएन अंकित लोहान ने की। जांच में गड़बड़ियां मिलने के बाद पुलिस को औपचारिक शिकायत दी गई। सिटी थाना पुलिस ने बुधवार रात करीब 10 बजे एफआईआर दर्ज की।

इस प्रकरण के सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी खलबली मच गई है। सूत्रों के मुताबिक, आंतरिक जांच भी कराई जा सकती है। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।