ईरान पर ट्रंप के बयानों के के बीच सोना-चांदी धड़ाम, MCX पर भारी बिकवाली, निवेशकों में बढ़ी घबराहट

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच MCX पर सोने-चांदी में भारी गिरावट आई है। चांदी 5.5% और सोना 2500 रुपये से ज्यादा टूटा है।

ईरान पर ट्रंप के बयानों के के बीच सोना-चांदी धड़ाम, MCX पर भारी बिकवाली, निवेशकों में बढ़ी घबराहट

MCX पर चांदी 5.5% लुढ़की, भारी गिरावट
सोना भी टूटा, 2500 रुपये से ज्यादा गिरा
ट्रंप के बयान से बाजार में मची हलचल


अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब सीधे सर्राफा बाजार पर दिखाई देने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त बयान के बाद गुरुवार को घरेलू वायदा बाजार MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले चार दिनों से जारी तेजी पर अचानक ब्रेक लग गया और निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया।

सबसे बड़ी गिरावट चांदी में देखने को मिली, जहां मई 2026 डिलीवरी वाली चांदी का वायदा भाव 13,613 रुपये यानी करीब 5.5% गिरकर 2,29,888 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। वहीं सोना भी इस दबाव से अछूता नहीं रहा और जून 2026 डिलीवरी वाला सोना 2,574 रुपये यानी 1.6% टूटकर 1,51,161 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह गिरावट हाल के उच्चतम स्तरों से काफी नीचे मानी जा रही है।

हाजिर बाजार में भी इसका असर साफ दिखाई दिया। मुंबई में 22 कैरेट सोना 1,12,168 रुपये प्रति 8 ग्राम और 24 कैरेट सोना 1,22,368 रुपये प्रति 8 ग्राम के स्तर पर दर्ज किया गया। बाजार में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।

ट्रंप के बयान से बदला पूरा बाजार सेंटिमेंट
दरअसल, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका आने वाले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर “बेहद कड़ा” प्रहार करेगा और रणनीतिक लक्ष्य हासिल करने के करीब है। इस बयान के बाद बाजार में युद्ध की आशंका और बढ़ गई, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा गया और बिकवाली तेज हो गई।

कच्चे तेल में उछाल, डॉलर बना दबाव
ट्रंप के बयान के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी हलचल तेज हुई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 4 से 5% बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। इसके साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और मजबूत डॉलर इंडेक्स ने सोने-चांदी पर अतिरिक्त दबाव बनाया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन दोनों फैक्टर्स का बढ़ना कीमती धातुओं के लिए नकारात्मक संकेत देता है।

ब्याज दरों और निवेश रणनीति पर असर
मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका के चलते अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा 2026 के अंत तक ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हो गई है। इसका सीधा असर गोल्ड-सिल्वर जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स पर पड़ा है, जिससे निवेशकों का रुझान इनसे कम हो रहा है।

अन्य धातुओं में भी गिरावट
इस बिकवाली का असर केवल सोने-चांदी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी कीमती धातुओं में भी गिरावट देखी गई। वैश्विक बाजार में स्पॉट चांदी 2.9% गिरकर 72.95 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिका-ईरान तनाव बाजार में अस्थिरता बनाए रखेंगे। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे तेजी आने पर मुनाफावसूली करें और फिलहाल ऊंचे स्तरों पर नई खरीदारी से बचें।