नूंह मेडिकल कॉलेज में बड़ी लापरवाही, पानी की टंकी में मिले 3 सड़े बंदर दूषित पानी पीते रहे डॉक्टर-स्टाफ
नूंह के शहीद हसन खान मेडिकल कॉलेज में पानी की टंकी से तीन सड़े बंदर मिलने से हड़कंप मच गया, कई दिनों तक स्टाफ दूषित पानी इस्तेमाल करता रहा, जांच शुरू।
➤ पानी की टंकी में तीन मृत बंदर मिलने से हड़कंप
➤ कई दिनों से बदबूदार पानी पीते रहे स्टाफ और परिवार
➤ जांच के आदेश, सफाई व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
हरियाणा के नूंह स्थित शहीद हसन खान मेडिकल कॉलेज में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां रिहायशी परिसर की पानी की टंकियों में तीन मृत बंदर मिलने से हड़कंप मच गया। यह घटना कॉलेज की ईडब्ल्यूएस-1, 2 और 3 रिहायशी इमारतों से जुड़ी है, जहां डॉक्टर और स्टाफ अपने परिवार के साथ रहते हैं।
जानकारी के अनुसार, यहां रहने वाले लोगों को पिछले कई दिनों से पानी में बदबू आ रही थी। शुरुआत में इसे सामान्य गंदगी समझकर नजरअंदाज किया गया, लेकिन मंगलवार को बदबू तेज होने पर शिकायत की गई। इसके बाद जब टंकियों की जांच की गई तो अंदर सड़े-गले बंदरों के शव मिलने से सभी के होश उड़ गए।
जांच में सामने आया कि टंकियों के ढक्कन टूटे हुए थे, जिससे बंदर अंदर गिर गए और उनकी मौत हो गई। सफाई के दौरान पता चला कि ये शव करीब 4 से 5 दिन पुराने थे और पूरी तरह सड़ चुके थे। इसके बाद तुरंत पानी की सप्लाई बंद कर टंकियों को खाली कराया गया और केमिकल से सफाई की गई।
इस घटना के बाद रिहायशी परिसर में रहने वाले लोगों में भारी आक्रोश है। परिवारों का कहना है कि वे कई दिनों तक दूषित पानी का इस्तेमाल पीने, नहाने और खाना बनाने के लिए करते रहे। उन्होंने सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अस्पताल परिसर में ही ऐसी लापरवाही है, तो मरीजों की सुरक्षा पर कैसे भरोसा किया जा सकता है।
स्टाफ ने यह भी बताया कि परिसर में बंदरों का आतंक लंबे समय से है और वे अक्सर टंकियों के ढक्कन तोड़ देते हैं, लेकिन प्रशासन ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज के निदेशक डॉ. मुकेश कुमार ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह गंभीर चूक है और इसकी पूरी जांच की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए टंकियों पर मजबूत लोहे के ढक्कन और जाल लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
Akhil Mahajan