हरियाणा कांग्रेस में शुरू हुआ डैमेज कंट्रोल, नेताओं से मिले राव नरेंद्र; कैप्टन अजय यादव से भी मीटिंग
हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नियुक्ति विवाद के बीच राव नरेंद्र सिंह ने डैमेज कंट्रोल की पहल की। उन्होंने रणदीप सुरजेवाला, चौधरी वीरेंद्र सिंह और कैप्टन अजय यादव से मुलाकात कर एकजुटता का संदेश दिया।
➤ हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने पर उठा विवाद
➤ राव नरेंद्र सिंह ने विरोध करने वाले वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की
➤ आंतरिक कलह शांत कर एकजुटता का संदेश देने की कोशिश
हरियाणा कांग्रेस में हाल ही में प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति के बाद खड़ा हुआ सियासी बवंडर अब धीरे-धीरे शांत करने की कोशिश में है। अब खुद राव नरेंद्र सिंह ने शुरू कर दी है। उनकी नियुक्ति पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने विरोध दर्ज कराया था। पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने तो साफ कहा था कि पार्टी को किसी स्वच्छ छवि वाले नेता को प्रदेश की कमान सौंपनी चाहिए थी, लेकिन इसके विपरीत फैसला लिया गया, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है। यही कारण रहा कि इस नियुक्ति को कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी और कलह का नया रूप माना गया।
हालाँकि, इन तमाम आरोपों और विरोध के बीच राव नरेंद्र सिंह ने डैमेज कंट्रोल की कमान खुद संभाली। मंगलवार को वे कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं से जाकर मिले, जिनमें पार्टी के दिग्गज चौधरी वीरेंद्र सिंह, रणदीप सुरजेवाला और यहाँ तक कि अपनी नियुक्ति का विरोध करने वाले कैप्टन अजय सिंह यादव भी शामिल थे।
राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को कांग्रेस की एकजुटता का संदेश माना जा रहा है। संगठन में खींचतान और कार्यकर्ताओं की नाराजगी को देखते हुए हाईकमान भी प्रदेश नेतृत्व को मजबूत करने के लिए दबाव में है। यही कारण है कि राव नरेंद्र सिंह के प्रयासों को पार्टी की छवि सुधारने और चुनाव से पहले गुटबाजी पर लगाम लगाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर राव नरेंद्र सिंह असंतुष्ट नेताओं को अपने साथ जोड़ने में सफल रहते हैं तो कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनाव में मजबूती मिलेगी। लेकिन अगर विरोध जस का तस रहा तो यह बगावत पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती है।
Akhil Mahajan