NEET पेपर लीक में हरियाणा कनेक्शन आया सामने, जानें

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में हरियाणा का लिंक सामने आया है। गुरुग्राम तक पेपर पहुंचाने के दावे के बाद NTA ने परीक्षा रद्द कर जांच CBI को सौंप दी है।

NEET पेपर लीक में हरियाणा कनेक्शन आया सामने, जानें

NEET पेपर लीक में हरियाणा का नाम आने से मचा हड़कंप
गुरुग्राम तक पेपर की कॉपी पहुंचने का दावा, डॉक्टर पर भी शक
NTA ने रद्द की परीक्षा, अब CBI करेगी पूरे नेटवर्क की जांच


NEET पेपर लीक में हरियाणा कनेक्शन से बड़ा खुलासा NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में अब हरियाणा का लिंक सामने आने के बाद देशभर में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसियों की शुरुआती पड़ताल में गुरुग्राम को इस पूरे नेटवर्क का एक बड़ा ट्रांजिट पॉइंट बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि नासिक की एक प्रिंटिंग प्रेस से परीक्षा की फिजिकल कॉपी लीक हुई और फिर उसे गुरुग्राम तक पहुंचाया गया।

जांच रिपोर्टों के अनुसार, पेपर की कॉपियां गुरुग्राम में एक डॉक्टर तक भी पहुंचाई गई थीं। इसके बाद आसपास के इलाकों में कई डुप्लीकेट सेट तैयार किए गए। हालांकि अभी तक किसी डॉक्टर का नाम आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है।

राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि परीक्षा में आए सवालों को व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आगे भेजा गया। जांच एजेंसियां अब गुरुग्राम, जयपुर, देहरादून और अन्य शहरों में संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।

इस पूरे विवाद के बीच NTA ने बड़ा फैसला लेते हुए 12 मई को आयोजित NEET परीक्षा रद्द कर दी है। अब पूरे मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है। परीक्षा की नई तारीख जल्द जारी की जाएगी।

इस बार NEET परीक्षा में करीब 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे। NTA ने स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों को नया रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। पुराने परीक्षा केंद्र ही रहेंगे, लेकिन री-एग्जाम के लिए नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि राजस्थान के चूरू जिले के एक MBBS छात्र ने कथित तौर पर हाथ से लिखा हुआ ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर में अपने दोस्त को भेजा था। दावा है कि इस क्वेश्चन बैंक में लिखे करीब 300 सवालों में से लगभग 150 सवाल असली परीक्षा में पूछे गए।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, हाथ से लिखे गए इन सवालों की हैंडराइटिंग एक जैसी पाई गई है। इससे शक और गहरा गया है कि यह संगठित तरीके से तैयार किया गया लीक नेटवर्क था।

इस मामले में IMA गुरुग्राम के प्रेसिडेंट Rajesh Kataria ने कहा कि डॉक्टर का नाम चर्चा में जरूर है, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो पाया कि वह कौन है। उन्होंने कहा कि अब तक किसी जांच एजेंसी ने उनसे संपर्क नहीं किया है।

गौरतलब है कि इससे पहले 2024 में भी NEET-UG विवादों में रहा था। उस समय हरियाणा के झज्जर स्थित एक परीक्षा केंद्र से असामान्य रूप से अधिक अंक आने पर सवाल उठे थे। ग्रेस मार्क्स और परीक्षा प्रबंधन को लेकर भी विवाद हुआ था। बाद में उस मामले की जांच भी CBI को सौंपी गई थी।

अब एक बार फिर पेपर लीक के आरोपों ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों छात्र और अभिभावक परीक्षा दोबारा होने के फैसले से परेशान और असमंजस में हैं।