बारिश से हुई मौतों पर 4 लाख रुपये देगी सरकार, मकान गिरने, पशुओं के मरने पर पैसा मिलेगा

हरियाणा सरकार ने भारी बारिश और जलभराव से हुए नुकसान के मद्देनजर राहत पैकेज का ऐलान किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आर्थिक सहायता और राहत शिविरों की घोषणा की।

बारिश से हुई मौतों पर 4 लाख रुपये देगी सरकार, मकान गिरने, पशुओं के मरने पर पैसा मिलेगा

➤ हरियाणा सरकार ने बाढ़-जलभराव पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता का क्राइटेरिया तय किया
➤ ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 5,217 गांवों के 2,53,440 किसानों ने 14.91 लाख एकड़ फसल नुकसान दर्ज कराया
➤ मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक महीने का वेतन बाढ़ राहत कोष में दान करने की घोषणा की

हरियाणा सरकार ने बारिश और जलभराव से हुए नुकसान को देखते हुए पीड़ितों की मदद के लिए विस्तृत क्राइटेरिया तैयार किया है। सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहत कार्यों के अहम निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार अब तक बाढ़ और जलभराव से प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्यों को प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि घर गिरने या किसी अन्य कारण से मरने वाले व्यक्ति के परिवार को सरकार 4 लाख रुपए की सहायता राशि देगी। अगर किसी व्यक्ति को 40 से 60 प्रतिशत तक अंग हानि हुई हो तो उसे 74 हजार रुपए दिए जाएंगे। वहीं, 60 प्रतिशत से अधिक अंग हानि होने पर 2.5 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

मकान क्षतिग्रस्त होने पर मैदानी इलाकों में 1.20 लाख रुपए और पहाड़ी क्षेत्रों में 1.30 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अब तक प्रदेश के 5,217 गांवों के 2,53,440 किसानों ने 14,91,130 एकड़ क्षेत्र का नुकसान दर्ज कराया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिलों को तत्काल राहत कार्यों के लिए 3.06 करोड़ रुपए का रिजर्व फंड मंजूर किया गया है। साथ ही दुख जताते हुए बताया कि प्रदेश में मकान ढहने से 12 लोगों की जान गई है। इसके चलते सरकार ने 48 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता मृतक परिवारों को दी।

फसलों की हानि पर प्रति एकड़ 7,000 से 15,000 रुपए तक की सब्सिडी मिलेगी। व्यवसायिक नुकसान (₹1-5 लाख) पर 1.75 लाख से 3.05 लाख रुपए, 5 लाख से अधिक नुकसान पर अतिरिक्त 10% मुआवजा भी दिया जाएगा। पशु हानि पर भी अलग-अलग मुआवजा निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बेघर हुए लोगों के लिए राहत शिविर बनाए जाएंगे। क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाएगा। यदि कोई मकान मालिक 20 साल से एक जगह पर रह रहा है और उसकी छत क्षतिग्रस्त हुई है, तो सरकार उसकी भी मदद करेगी।

सैनी ने सेवा पखवाड़ा के तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सभी विधायक और समर्थक विधायक बाढ़ राहत के लिए एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करेंगे। अधिकारियों और कर्मचारियों से भी स्वैच्छिक मदद की अपील की गई है।