हरियाणा में 11 नए जिलों की मांग पर कैबिनेट सब कमेटी ने चर्चा शुरू की

हरियाणा में 11 नए जिलों के निर्माण की मांग पर कैबिनेट एरिया सब कमेटी ने चर्चा की। गोहाना, हांसी, डबवाली, सफीदो और अन्य जिलों पर विचार चल रहा है। सब कमेटी 31 दिसंबर तक सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।

हरियाणा में 11 नए जिलों की मांग पर कैबिनेट सब कमेटी ने चर्चा शुरू की

हरियाणा में 11 नए जिलों की मांग पर कैबिनेट सब कमेटी में चर्चा
गोहाना, हांसी, डबवाली, सफीदो, बरवाला समेत अन्य जिलों पर विचार
31 दिसंबर तक सब कमेटी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी


हरियाणा में नए जिलों के निर्माण को लेकर सरकार ने फिर से मंथन शुरू कर दिया है। आज हुई कैबिनेट एरिया सब कमेटी की बैठक में 11 नए जिलों की डिमांड पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता कृष्ण लाल पंवार ने की, जिसमें शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और गृह सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा भी मौजूद रहे।

बैठक के बाद पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने बताया कि आज की मीटिंग में कुल 73 डिमांड पर विचार हुआ। नए जिलों में गोहाना, हांसी, डबवाली, सफीदो, बरवाला, पेहवा, रानियां, असंध, बहादुरगढ़, मानेसर और नारायणगढ़ शामिल हैं। इन पर जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर सरकार को प्रस्तुत की जाएगी।

मंत्री ने यह भी बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक सब कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। इसमें 11 जिलों के अलावा 14 सब डिवीजन, 4 तहसील और 27 उप तहसील बनाने की मांगें शामिल हैं। आज की बैठक में दो ऐसे गांव भी थे जो नए जिलों के क्राइटेरिया पर खरे उतरे, उन्हें मंजूरी दी गई है। उचाना के खुंगा गांव को जींद उपमंडल, और कुरुक्षेत्र के खानपुर रोडा गांव को पेहवा से थानेसर शिफ्ट करने की सिफारिश भी सरकार को भेजी गई है।

सब कमेटी को अब तक तीन बार सरकार ने एक्सटेंशन दिया है। पिछली बार 4 दिसंबर को गठित कमेटी का कार्यकाल 4 मार्च को खत्म हुआ था, जिसे 30 जून तक बढ़ाया गया। अब इसे फिर से 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है।

इतिहास देखें तो 16 नवंबर 2016 को चरखी दादरी प्रदेश का 22वां जिला बना था, उसके बाद कोई नया जिला नहीं बना। इससे पहले 15 अगस्त 2008 को फरीदाबाद से अलग होकर पलवल जिला बनाया गया था। 1966 में हरियाणा राज्य गठन के समय केवल 7 जिले थे। 1989 में एक साथ 3 नए जिले कैथल, रेवाड़ी और पानीपत, और 1997 में झज्जर और फतेहाबाद बने।

हरियाणा में जनगणना के बाद विधानसभा और लोकसभा सीटों का परिसीमन भी किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में 90 विधानसभा और 10 लोकसभा सीटें हैं। अनुमान है कि नए परिसीमन के बाद विधानसभा सीटें 126 और लोकसभा सीटें 14 तक बढ़ सकती हैं। इससे पहले साल 2007 में विधानसभा हलकों का परिसीमन हुआ था, जिसमें कई हलके मर्ज किए गए और कई नए बने।