SDM ऑफिस ने छह हजार में बेचा इमान, ACB की रेड, 6 हजार की रिश्वत लेते क्लर्क गिरफ्तार

हरियाणा के नूंह में एंटी करप्शन ब्यूरो ने SDM कार्यालय में कार्रवाई करते हुए क्लर्क अशोक कुमार को 6 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने वाहन की RC ट्रांसफर के लिए पैसे मांगे थे।

SDM ऑफिस ने छह हजार में बेचा इमान, ACB की रेड, 6 हजार की रिश्वत लेते क्लर्क गिरफ्तार

➤ नूंह SDM कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई
➤ 6 हजार रुपए रिश्वत लेते क्लर्क अशोक कुमार रंगे हाथ पकड़ा
➤ वाहन की RC ट्रांसफर कराने के लिए मांगी थी घूस


नूंह। हरियाणा के नूंह जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एसडीएम कार्यालय में कार्यरत एक क्लर्क को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी क्लर्क की पहचान अशोक कुमार के रूप में हुई है, जो ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण शाखा में तैनात था।

एसीबी की टीम ने बृहस्पतिवार को कार्रवाई करते हुए आरोपी को 6 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। बताया जा रहा है कि आरोपी ने एक व्यक्ति से वाहन की आरसी ट्रांसफर कराने के लिए यह रकम मांगी थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और शुक्रवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

शिकायत के बाद ACB ने बिछाया जाल

जानकारी के अनुसार पीड़ित व्यक्ति ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि एसडीएम कार्यालय का क्लर्क आरसी ट्रांसफर करने के लिए 6 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने मामले की प्रारंभिक जांच की। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने ट्रैप लगाने की योजना बनाई।

निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता को तय रकम के साथ एसडीएम कार्यालय भेजा गया। जैसे ही क्लर्क अशोक कुमार ने शिकायतकर्ता से पैसे लिए, पहले से मौके पर मौजूद एसीबी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका तो नहीं है। यदि जांच में किसी और की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी कार्यालयों पर उठ रहे सवाल

नूंह जिले में रिश्वतखोरी के मामलों के सामने आने से सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार छोटे-छोटे सरकारी कामों के लिए भी लोगों को रिश्वत देनी पड़ती है, जिससे आम जनता को परेशानी होती है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान जारी

एसीबी अधिकारियों ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा। यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेते या मांगते पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।