PCS अधिकारी अनुप्रीत कौर रंधावा 1.63 करोड़ घोटाले में गिरफ्तार
पंजाब की PCS अधिकारी अनुप्रीत कौर रंधावा को 1.63 करोड़ रुपये के भूमि मुआवजा घोटाले में गिरफ्तार किया गया। मामला नेशनल हाईवे परियोजना से जुड़ा है।
पंजाब की PCS अधिकारी अनुप्रीत कौर रंधावा को 1.63 करोड़ रुपये घोटाले में गिरफ्तार किया गया
• नेशनल हाईवे भूमि अधिग्रहण मुआवजे में फर्जी लाभार्थियों को रकम ट्रांसफर करने का आरोप
• जांच के बाद सरकार ने किया था सस्पेंड, अब पुलिस ने सरकारी आवास से किया गिरफ्तार
पंजाब में 1.63 करोड़ रुपये के कथित भूमि मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए PCS अधिकारी Anupreet Kaur Randhawa को गिरफ्तार कर लिया गया। वर्तमान में गुरदासपुर में एसडीएम के पद पर तैनात अनुप्रीत कौर रंधावा को शनिवार सुबह उनके सरकारी आवास से हिरासत में लिया गया।
जानकारी के अनुसार यह मामला जम्मू-कश्मीर-राजस्थान हाईवे प्रोजेक्ट, जिसे अमृतसर-बठिंडा एक्सप्रेस हाईवे कॉरिडोर भी कहा जाता है, के लिए भूमि अधिग्रहण मुआवजे से जुड़ा है। आरोप है कि भूमि अधिग्रहण के नाम पर 1.63 करोड़ रुपये की राशि ऐसे लोगों को ट्रांसफर कर दी गई, जिनकी जमीन अधिग्रहण सूची में शामिल ही नहीं थी।
इस कथित घोटाले का खुलासा उस समय हुआ था जब तत्कालीन एसडीएम पट्टी नवराज सिंह बराड़ ने अनियमितताओं की जानकारी तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर प्रदीप सभरवाल को दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पांच लोगों को फर्जी तरीके से मुआवजा राशि जारी की गई।
जांच में जिन लोगों के नाम सामने आए उनमें जसबीर कौर, राजविंदर कौर, सरताज सिंह, बिक्रमजीत सिंह और गुरजीत कौर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार इन लोगों की जमीन नेशनल हाईवे-54 के लिए अधिग्रहित नहीं की गई थी और इनके नाम केंद्र सरकार की 2013 की गजट अधिसूचना में भी शामिल नहीं थे।
मामले में 5 सितंबर 2019 को पट्टी सिटी थाना में FIR नंबर 47 दर्ज की गई थी। केस में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और सरकारी धन के दुरुपयोग से संबंधित धाराएं लगाई गई थीं।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि मुआवजा राशि जारी करने की मंजूरी तत्कालीन एसडीएम अनुप्रीत कौर रंधावा के हस्ताक्षर से दी गई थी। बिना राजस्व रिकॉर्ड का सही सत्यापन किए सरकारी धन जारी किया गया, जिससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की गई थी। रिपोर्ट पंजाब सरकार को भेजे जाने के बाद तत्कालीन मुख्य सचिव करण अवतार सिंह ने अनुप्रीत कौर रंधावा को सस्पेंड कर दिया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस केस में और खुलासे हो सकते हैं।
pooja