AI समिट में ‘350 करोड़ के रोबोट’ पर बवाल, दावा फर्जी निकला; DD की पोस्ट डिलीट, गलगोटिया बाहर, कांग्रेस ने उड़ाया मजाक
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में 350 करोड़ के AI रोबोट के दावे पर विवाद खड़ा हो गया। सोशल मीडिया पर इसे चीनी रोबोट बताया गया। DD ने पोस्ट डिलीट की और गलगोटिया यूनिवर्सिटी को स्टॉल खाली करने के निर्देश दिए गए।
➤ 350 करोड़ के AI रोबोट के दावे पर उठा विवाद
➤ चीन का रोबोट बताकर सोशल मीडिया पर उड़ी खिल्ली
➤ समिट से स्टॉल खाली करने के निर्देश, यूनिवर्सिटी का इनकार
राजधानी दिल्ली में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के बीच एक कथित ‘350 करोड़ रुपए के AI रोबोट’ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सरकारी प्रसारक DD न्यूज ने समिट से एक वीडियो जारी कर दावा किया कि नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने अत्याधुनिक AI रोबोट तैयार किया है, जिसकी कीमत करीब 350 करोड़ रुपए है।
वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर सवालों की बौछार शुरू हो गई। कई यूजर्स ने दावा किया कि यह रोबोट दरअसल चीन का है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 2800 डॉलर में उपलब्ध है। एक चीनी X हैंडल ने भी 350 करोड़ के दावे पर व्यंग्यात्मक पोस्ट कर मजाक उड़ाया। देखते ही देखते मामला ट्रोलिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
रात में बदला घटनाक्रम
विवाद बढ़ने के बाद देर रात गलगोटिया यूनिवर्सिटी की ओर से बयान जारी किया गया। यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि संबंधित रोबोट उनका विकसित किया हुआ उत्पाद नहीं है। दूसरी ओर DD चैनल ने भी अपनी सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट कर दी। इससे पूरे प्रकरण ने और तूल पकड़ लिया।
समिट से बाहर करने की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, समिट के दौरान चीनी रोबोट को अपना इनोवेशन बताने के आरोपों के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कहा जा रहा है कि उन्हें इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 से बाहर कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी के स्टॉल से सारे इक्विपमेंट हटा लिए गए हैं और जिस डिवाइस को इनोवेशन के तौर पर प्रदर्शित किया गया था, उसे भी हटा दिया गया है।
हालांकि यूनिवर्सिटी की ओर से डॉ. ऐश्वर्या श्रीवास्तव ने कहा है कि उन्हें आधिकारिक रूप से समिट छोड़ने के लिए अभी तक नहीं कहा गया है।
आईटी मंत्रालय का रुख
आईटी मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, गलगोटिया यूनिवर्सिटी को समिट में लगाए गए काउंटर को खाली करने का निर्देश जारी किया गया है। मंत्रालय के स्तर पर कार्रवाई के बाद स्टॉल से उपकरण हटाए गए। इससे संकेत मिलता है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है।
AI जैसे संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्र में इस तरह के दावों ने विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह प्रकरण न केवल तकनीकी दावों की पारदर्शिता बल्कि अंतरराष्ट्रीय छवि से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
कांग्रेस बोली- मोदी सरकार ने दुनिया में देश का मजाक बनवाया
कांग्रेस ने इस मामले पर कहा कि मोदी सरकार ने AI के मामले में दुनिया भर में भारत का मजाक बनवाया है। AI समिट में चीन के रोबोट्स को हमारा बताकर दिखाया जा रहा है। चीनी मीडिया ने हमारा मजाक उड़ाया है। यह भारत के लिए वाकई शर्मिंदगी की बात है।
इससे भी ज्यादा शर्मनाक बात यह है कि मोदी के मंत्री अश्विनी वैष्णव भी इसी झूठ में शामिल हैं और भारतीय समिट में चीन के रोबोट्स को प्रमोट कर रहे हैं। मोदी सरकार ने देश की छवि को ऐसा नुकसान पहुंचाया है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।
वहीं राहुल गांधी ने कहा कि भारत के टैलेंट और डेटा का सही इस्तेमाल करने के बजाय, यह AI समिट एक बिखरा हुआ पीआर तमाशा बनकर रह गया है - जहां भारत का डेटा बिकने के लिए रखा है और चीन के प्रोडक्ट्स का दिखावा किया जा रहा है....
Akhil Mahajan