हिमाचल ने बढ़ाया टैक्स, हरियाणा ने रोका रास्ता, सीमा पर बढ़ा तनाव

पंचकूला के पिंजौर में ग्रामीणों ने हिमाचल सरकार के एंट्री टैक्स बढ़ाने के विरोध में बद्दी बैरियर जाम किया, एक घंटे तक यातायात बाधित, सस्ती दरों पर पास की मांग।

हिमाचल ने बढ़ाया टैक्स, हरियाणा ने रोका रास्ता, सीमा पर बढ़ा तनाव

पिंजौर में बद्दी बैरियर पर ग्रामीणों का जाम, यातायात ठप
हिमाचल सरकार के बढ़े एंट्री टैक्स का जोरदार विरोध
आधार पर सस्ती दरों में पास बनाने की उठी मांग


हरियाणा के पंचकूला जिले के पिंजौर क्षेत्र में सोमवार को उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब ग्रामीणों ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बढ़ाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में बद्दी-बरोटीवाला बैरियर पर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवाजाही प्रभावित हुई।

प्रदर्शन में पिंजौर दून क्षेत्र के कई गांवों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। मौके पर पूर्व चेयरमैन राजेश कोना, मढांवाला पंचायत के पूर्व सरपंच हरबंस लाल, बीडीसी मेंबर मनदीप और रविकांत समेत कई सरपंच और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में टैक्स वृद्धि का विरोध जताया।

मौके पर उच्चाधिकारियों से फोन पर बात करते पुलिस अधिकारी।

ग्रामीणों ने बताया कि हिमाचल सरकार ने एंट्री टैक्स को 70 रुपए से बढ़ाकर 170 रुपए कर दिया है, जो 1 अप्रैल से लागू होगा। इस फैसले का सीधा असर सीमा से सटे गांवों के लोगों पर पड़ेगा, जो रोजमर्रा के काम, नौकरी और व्यापार के लिए कई बार हिमाचल के बद्दी-बरोटीवाला क्षेत्र में आते-जाते हैं।

प्रभावित गांवों में मढांवाला, कोना, खोखरा, नवांनगर, खेड़ावाली, करणपुर और प्रेमपुरा शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बढ़ी हुई दरें उनके लिए आर्थिक बोझ बन जाएंगी और दैनिक जीवन पर इसका गंभीर असर पड़ेगा।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि सीमा से सटे इन गांवों के निवासियों के लिए आधार कार्ड के आधार पर किफायती दरों में सालाना पास जारी किए जाएं, ताकि उन्हें राहत मिल सके। इस संबंध में ग्रामीणों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को भी ज्ञापन देने की बात कही है।

मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए ग्रामीणों से बातचीत की। थाना प्रभारी बच्चू सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाया और उच्चाधिकारियों से बातचीत कर समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया और यातायात बहाल हो गया।

हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे और भविष्य में बड़ा प्रदर्शन भी किया जा सकता है।