रोहित धनखड़ हत्याकांड: महापंचायत गरजी, 5 गिरफ्तारियों पर भड़का समाज, प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम, नहीं तो सड़कों पर उतरेगा समाज

रोहित धनखड़ हत्याकांड को लेकर हुमायूंपुर में महापंचायत, प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन तय।

रोहित धनखड़ हत्याकांड: महापंचायत गरजी, 5 गिरफ्तारियों पर भड़का समाज, प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम,  नहीं तो सड़कों पर उतरेगा समाज
  • रोहित धनखड़ हत्याकांड को लेकर हुमायूंपुर में गरजी महापंचायत
  • 18–20 आरोपियों में से सिर्फ 5 की गिरफ्तारी पर भड़का समाज
  • एक सप्ताह का अल्टीमेटम, नहीं तो बड़ा आंदोलन तय


अंतरराष्ट्रीय बॉडीबिल्डर और छह बार के राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता स्व. रोहित धनखड़ हत्याकांड को लेकर रविवार को रोहतक जिले के गांव हुमायूंपुर में एक बड़ी पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में समाज के प्रमुख संगठनों, खाप प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं और रोहित धनखड़ के परिजनों ने भाग लिया। पंचायत में प्रशासन की कार्रवाई पर गहरा असंतोष जताया गया।

पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि घटना को लगभग दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक 18–20 नामजद आरोपियों में से केवल 5 की गिरफ्तारी होना पुलिस और प्रशासन की गंभीर विफलता को दर्शाता है। समाज ने इसे जांच में ढिलाई और प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश करार दिया।

इस पंचायत में राष्ट्रीय जाट महासभा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. सचिन सरोहा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गजेंद्र चौधरी, महासचिव कुलदीप सिंह, सचिव अजयपाल, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष अनुपमा चौधरी, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष रामकिशन पावड़िया, हरियाणा युवा प्रदेश अध्यक्ष मोहित मलिक, किसान यूनियन छोटूराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद चौधरी, छात्र नेता दीपक धनखड़, हुमायूंपुर के पूर्व सरपंच संदीप धनखड़, स्व. रोहित धनखड़ के चाचा सतीश धनखड़, अधिवक्ता कपिल और अनुज कुमार सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

पंचायत में पूरे घटनाक्रम को दोहराते हुए बताया गया कि 27 नवंबर 2025 को रोहित धनखड़ भिवानी में एक शादी समारोह में गया था। वहां महिलाओं के सामने नशे की हालत में की जा रही अभद्रता का विरोध करने पर 18–20 युवकों ने मिलकर उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। पंचायत ने इसे एक सुनियोजित सामूहिक अपराध बताया।

वक्ताओं ने कहा कि इतने गंभीर मामले में अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होना यह साबित करता है कि जांच सही दिशा में नहीं चल रही है। इससे पीड़ित परिवार और समाज में भारी रोष है। पंचायत ने साफ कहा कि समाज अब और इंतजार नहीं करेगा।

पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रशासन को अंतिम रूप से एक सप्ताह का समय दिया जाता है। इस अवधि में सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। जो आरोपी फरार हैं, उनकी चल-अचल संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई तुरंत शुरू की जाए।

इसके साथ ही पंचायत ने मांग की कि रोहित धनखड़ के परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए और परिवार के एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी प्रदान की जाए, ताकि परिवार का भविष्य सुरक्षित हो सके।

पंचायत में यह भी निर्णय लिया गया कि स्व. रोहित धनखड़ की स्मृति में उसके गांव में अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम या खेल अकादमी स्थापित की जाए, जिससे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिल सके और समाज अपने खिलाड़ियों को सम्मान देना सीख सके।

राष्ट्रीय जाट महासभा और पंचायत प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि एक सप्ताह के भीतर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज को सड़कों पर उतरना पड़ेगा। इसके बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री से आखिरी मुलाकात की जाएगी और यदि वहां से भी न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन प्रदेशव्यापी रूप ले लेगा।

पंचायत में यह भी कहा गया कि समाज किसी प्रकार की अराजकता नहीं चाहता, लेकिन न्याय की लड़ाई से पीछे हटने वाला भी नहीं है। रोहित धनखड़ केवल एक परिवार का बेटा नहीं था, बल्कि पूरे समाज का गौरव था।

अंत में पंचायत ने प्रशासन से अपील की कि वह समाज के धैर्य की परीक्षा न ले और समय रहते निष्पक्ष व ठोस कार्रवाई करे। पंचायत ने चेतावनी दी कि यदि अब भी ढिलाई बरती गई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।

पंचायत के दौरान जाट समाज के प्रतिनिधियों ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए रोहित धनखड़ के परिवार को ₹51,000 की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की। समाज ने कहा कि यह सहयोग का प्रतीक है और परिवार इस संघर्ष में अकेला नहीं है।