पटवारी और उसका सहयोगी रिश्वत लेते गिरफ्तार, एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई
सिरसा एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने ई-दिशा केंद्र पर कार्रवाई कर पटवारी प्यारेलाल और उसके सहयोगी रणजीत सिंह को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। कुर्की आदेश रोकने के नाम पर मांगी थी रिश्वत।
➤ एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई सिरसा में पटवारी रिश्वत लेते काबू
➤ रिटायरमेंट के बाद भी दो साल सेवा बढ़ा चुका था आरोपी पटवारी
➤ कुर्की आदेश रोकने के नाम पर ली थी रिश्वत, रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा
सिरसा एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार को ई-दिशा केंद्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी और उसके सहयोगी को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई एंटी करप्शन ब्यूरो इंचार्ज सत्यवान की अगुवाई में की गई। टीम ने शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे छापा मारकर दोनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया।
आरोपी पटवारी की पहचान प्यारेलाल निवासी दड़बी गांव के रूप में हुई है। वह रिटायरमेंट के बाद दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि पर कार्यरत था। जबकि उसका सहयोगी रणजीत सिंह निवासी गांव डींग बताया गया है।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके पिता की मौत के बाद जायदाद के एक केस में कोर्ट ने जमीन की कुर्की के आदेश दिए थे। इसी मामले में करीब 10 दिन पहले पटवारी प्यारेलाल का फोन आया, जिसने कहा कि आपकी जमीन कुर्की के आदेश आए हैं और कार्रवाई रुकवानी है तो मिलो। जब शिकायतकर्ता उससे मिला, तो उसने कुर्की आदेश पर कार्रवाई न करने की एवज में 10 हजार रुपये नकद रिश्वत ले लिए।
बाद में जब शिकायतकर्ता ने पटवारी को बताया कि दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया है, तो पटवारी ने जमीन की कुर्की प्रक्रिया शुरू कर दी और कहा कि कुर्की रोकनी है तो खर्चा-पानी देना होगा। उसने शिकायतकर्ता को सिरसा ई-दिशा केंद्र बुलाया और वहां फिर 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
शिकायतकर्ता ने जब पैसे कम करने की बात कही, तो प्यारेलाल ने कहा कि “इनमें से 3 हजार तहसीलदार के, 1 हजार रीडर के, और 1 हजार मेरे लिए हैं।” शिकायतकर्ता ने पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग कर ली और एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दी।
शिकायत की सत्यता की जांच के बाद एसीबी टीम ने शुक्रवार को जाल बिछाया और दोनों आरोपियों को रंगेहाथ रिश्वत लेते पकड़ा। टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ जारी है।
एंटी करप्शन ब्यूरो इंचार्ज सत्यवान ने बताया कि आरोपी पटवारी प्यारेलाल और उसके सहयोगी रणजीत सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों से पूछताछ में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस प्रकरण में अन्य कोई अधिकारी या कर्मचारी तो शामिल नहीं।
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